80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश की सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए ‘रक्षा शक्ति’ बेहद जरूरी है। भारत को अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के साथ रक्षा तकनीक में भी आत्मनिर्भर बनना होगा।
भारत को रक्षा तकनीक में आगे बढ़ना होगा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक का ग्लोबल सप्लायर बनना चाहिए। बदलते समय में देश को स्वदेशी हथियारों और आधुनिक सैन्य तकनीक पर ज्यादा ध्यान देना होगा। उन्होंने साफ कहा कि रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का कोई विकल्प नहीं है।
ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को आधुनिक तकनीक विकसित करनी होगी। इसमें ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम अहम होंगे। इसके साथ ही भारत को हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक में भी अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। इससे देश की सुरक्षा और मजबूत होगी।
दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की जरूरत
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि देश को रक्षा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सस्ता और आसानी से मिलने वाला सामान हमेशा देश की क्षमता मजबूत नहीं करता। इसलिए भारत को अपने संसाधनों और तकनीक से अपनी सुरक्षा जरूरतें पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
स्वदेशी हथियार और साइबर सुरक्षा अहम
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा भी आज रक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। देश के युवा अपनी तकनीकी क्षमता के जरिए इस क्षेत्र को मजबूत कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में देश की अपनी तकनीकी ताकत को और बढ़ाना है।
मिशन सुदर्शन चक्र पर तेजी से काम
पीएम मोदी ने कहा कि आज युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहा है। खतरा सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम और डेटा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण ठिकाने भी निशाना बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि ऐसे खतरों से निपटा जा सके।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में बड़ी बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र की प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है। वहीं रक्षा निर्यात में लगभग 50 गुना वृद्धि हुई है और भारत में बने हथियार करीब 100 देशों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत हर चुनौती के लिए तैयार है।
सिविल डिफेंस की बड़ी स्वयंसेवी फोर्स बनेगी
पीएम मोदी ने नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुराने समय के युद्धों को ध्यान में रखकर बनाया गया सिविल डिफेंस सिस्टम अब पर्याप्त नहीं है। आधुनिक खतरों से निपटने के लिए देश में नागरिक सुरक्षा का मजबूत नेटवर्क बनाया जाएगा और बड़ी स्वयंसेवी फोर्स तैयार की जाएगी।