Dussehra Special: पारंपरिक मिठाइयों से जीतें सबका दिल, ये 5 मिठाइयां त्योहार को बना देंगी सुपर स्पेशल

दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार केवल भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हर किसी को एक साथ मिलकर जश्न मनाने और खुशियों को बांटने का अवसर भी देता है। नवरात्रि का समापन करने वाला यह पर्व परिवार और समाज में एकता और उल्लास का संदेश देता है।

मिठाई के बिना त्योहार अधूरा

भारत में किसी भी त्योहार की सबसे खास चीज़ होती है मिठाइयां। मिठाई न केवल खुशियों को बढ़ाती है, बल्कि रिश्तों में मिठास भी घोलती है। दशहरे पर पारंपरिक मिठाइयां बनाकर परिवार और दोस्तों को खुश करना एक पुरानी परंपरा है।

1. नारियल की बर्फी: आसान और स्वादिष्ट

नारियल की बर्फी दशहरे और दुर्गा पूजा पर घरों में अक्सर बनाई जाती है। इसे बनाना आसान है और यह हर उम्र के लोगों को पसंद आती है। घिसा हुआ नारियल, चीनी, इलायची पाउडर और काजू मिलाकर इसे गाढ़ा होने तक पकाएँ। फिर इसे चौकोर टुकड़ों में काट लें और ठंडा होने पर परोसें।

2. मोतीचूर के लड्डू: त्योहार का खास प्रसाद

मोतीचूर के लड्डू दशहरे पर पूजा के बाद प्रसाद के रूप में बांटे जाते हैं। बेसन के छोटे-छोटे घोल को तलकर चाशनी में डुबोकर इसमें इलायची, पिस्ता और बादाम मिलाएं और गोल लड्डू बनाएं। यह मिठाई खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है और उत्सव को और भी खास बना देती है।

3. मेवे की खीर: त्योहारों की क्लासिक मिठाई

खीर भारतीय त्योहारों का अहम हिस्सा है। दूध को गाढ़ा करके इसमें बारीक कटे मेवे, पिस्ता, बादाम, किशमिश और थोड़ी इलायची डालें। अगर चाहें तो केसर भी मिला सकते हैं। यह मिठाई गर्म या ठंडी दोनों तरह से परोसी जा सकती है और दशहरे के जश्न को खास बनाती है।

4. बेसन की बर्फी: पारंपरिक और स्वादिष्ट

बेसन की बर्फी कई घरों में दशहरे पर बनाई जाती है। बेसन को घी में सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें। इसमें चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं और घी लगी थाली में फैलाएँ। ठंडा होने पर इसे अपने अनुसार काट लें।

5. जलेबी: देखने और खाने में मज़ेदार

जलेबी दशहरे पर सबसे पसंदीदा मिठाई है, खासकर मुंबई और गुजरात में। मैदे का खमीर उठाया हुआ घोल गरम तेल में तलें और तुरंत चीनी की चाशनी में डुबोकर परोसें।

त्योहार को बनाएं और भी यादगार

इन 5 पारंपरिक मिठाइयों के साथ आपका दशहरा और भी खास, स्वादिष्ट और यादगार बन जाएगा। मिठाई के साथ परिवार और दोस्तों के साथ खुशियां बांटें और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाएं।

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Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra