उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर इन दिनों एक अनोखे और दुर्लभ दृश्य का गवाह बना हुआ है। मंदिर के शिखर पर सफेद रंग का एक उल्लू दिखाई दे रहा है, जिसने भक्तों और स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खास बात यह है कि यह श्वेत उल्लू लगातार तीन दिनों से मंदिर के शिखर पर देखा जा रहा है।
मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विश्व भूषण मिश्र ने खुद इस दुर्लभ पल की फोटो और वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की। उन्होंने लिखा- “आज के दिन फिर उलूक पक्षी शिखर की कोडर में प्रकट हुए। शयन आरती के बाद बाबा के शिखर पर श्वेत उल्लू दिखाए दिए हैं, जो शुभ का प्रतीक माना जाता है। श्री काशी विश्वनाथो विजयतेतराम।”
लक्ष्मी जी का वाहन, शुभ संकेत माना जाता है
हिंदू मान्यताओं के अनुसार उल्लू को देवी लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। वहीं अगर उल्लू सफेद रंग का हो तो इसे और भी ज्यादा शुभ माना जाता है। मान्यता है कि श्वेत उल्लू का दर्शन समृद्धि और सौभाग्य लाता है। शायद यही वजह है कि मंदिर में मौजूद भक्त इस दृश्य को दिव्य संयोग मान रहे हैं।
विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि 17 अगस्त की शयन आरती, 18 अगस्त की सायंकालीन श्रृंगार आरती और 19 अगस्त की सप्तऋषि आरती इन तीनों अवसरों पर सफेद उल्लू ने शिखर पर आकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसे देखकर वहां मौजूद भक्तों की आस्था और भी प्रबल हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
20 अगस्त को मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया। पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया- “श्वेत उलूक महराज ने सप्तऋषि आरती में प्रतिभाग कर शिखर कोडर में अपना स्थान ग्रहण किया।” इसके बाद से ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
लोग लगातार इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- “ये वाकई दुर्लभ संयोग है कि बाबा विश्वनाथ के मंदिर में इस तरह उल्लू दिखा है।”
दूसरे यूजर ने कमेंट किया- “आस्था का अद्भुत नजारा।” वहीं कई श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” लिखकर अपनी भक्ति व्यक्त की।
मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की उत्सुकता
काशी विश्वनाथ मंदिर में रोज़ाना लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अब इस श्वेत उल्लू के कारण उनकी आस्था और उत्सुकता दोनों और अधिक बढ़ गई है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से बताया गया है कि यह दृश्य आधिकारिक कैमरापर्सन द्वारा रिकॉर्ड किया गया है और इच्छुक भक्त इसे देख सकते हैं।
यह घटना ना केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि भक्तों के लिए यह अपने जीवन का यादगार अनुभव भी बन गई है। लोग इसे बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद और शुभ संकेत मान रहे हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर का यह अनोखा दृश्य आस्था, अद्भुत संयोग और आध्यात्मिक अनुभव का प्रतीक बन गया है, जिसे देखने के बाद हर कोई सिर्फ यही कह रहा है- “हर-हर महादेव।”
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