Online Gaming पर सरकार का वार, लोकसभा-राज्यसभा से पास हुआ सख्त बिल, पैसे वाले गेम्स पर लगी रोक

भारत में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर ने पिछले कुछ सालों में जबरदस्त तेजी पकड़ी है। आज हजारों करोड़ रुपये का लेन-देन रोजाना इन गेमिंग ऐप्स और वेबसाइट्स पर हो रहा है। लेकिन इसके साथ ही समाज में कई गंभीर समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने संसद में ऑनलाइन गेमिंग बिल पेश किया, जिसे लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पास कर दिया गया। इस बिल पर केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एबीपी न्यूज की पॉलिटिकल एडिटर मेघा प्रसाद से खास बातचीत की और विस्तार से बताया कि सरकार को इस बिल की जरूरत क्यों पड़ी।

तीन हिस्सों में बंटा ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर तीन बड़े हिस्सों में बांटा गया है-

ई-स्पोर्ट्स

ऑनलाइन सोशल गेमिंग

ऑनलाइन मनी गेमिंग

अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग का हिस्सा इंडस्ट्री का लगभग दो-तिहाई है और यह समाज के लिए सकारात्मक है। इस बिल का मकसद ऐसे गेम्स को बढ़ावा देना है जो शिक्षा, मनोरंजन और मानसिक शांति जैसे क्षेत्रों में मदद करते हैं। सरकार चाहती है कि भारत को गेम मेकिंग और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी का हब बनाया जाए।

ऑनलाइन मनी गेमिंग बना समस्या का कारण

मंत्री ने साफ कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग वह सेगमेंट है जो समाज के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक साबित हो रहा है। इसमें लोग पैसे लगाते हैं और हारने पर उनकी कमाई बर्बाद हो जाती है। कई बार परिवार कर्ज में डूब जाते हैं और इसका असर सामाजिक और मानसिक स्तर पर भी दिखता है।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बार यह जिंदगी तक छीन लेता है। हाल ही में एक 8 साल के बच्चे द्वारा आत्महत्या का मामला सामने आया था। ऐसे कई केस आए हैं जहां युवा और मिडिल क्लास परिवार के लोग गेमिंग की लत के कारण बर्बादी की ओर चले गए।

क्यों जरूरी था यह कानून?

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश के लगभग हर राज्य से सांसद और विधायक ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक की मांग कर रहे थे। लोकसभा स्पीकर ने भी कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो वह इस विषय पर 18 घंटे की बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने खुद माना कि उनके पास भी बड़ी संख्या में लोग अपनी परेशानियां लेकर आते हैं। इसलिए समाज के नुकसान को रोकने और युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने यह बिल लाया।

क्या होगा फायदा?

इस बिल के लागू होने के बाद ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ऑनलाइन मनी गेमिंग पर सख्ती होगी। साथ ही साथ युवाओं को नशे जैसी गेमिंग की लत से बचाया जा सकेगा। इतना ही नहीं भारत को एक गेम मेकिंग हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

ऑनलाइन गेमिंग आज सिर्फ टाइमपास का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़े उद्योग का रूप ले चुका है। सरकार चाहती है कि इस उद्योग का इस्तेमाल शिक्षा, मनोरंजन और रोजगार बढ़ाने में हो, न कि लोगों की जिंदगी बर्बाद करने में। “प्रमोशन एंड रेग्यूलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल” इसी सोच के साथ लाया गया है। यह कानून युवाओं को सुरक्षित रखने और देश को गेमिंग टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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Author: The Hindi Post