आजकल युवाओं और किशोरों की जीवनशैली तेजी से बदल रही है। घंटों मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने बैठना, जंक फूड खाना, तनाव में रहना और शारीरिक गतिविधियों से दूर रहना, ये सब उनकी सेहत पर गंभीर असर डाल रहे हैं।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विवेक वर्मा के मुताबिक, ऐसे फैक्टर्स युवाओं में सरकोमा जैसे कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। सरकोमा हड्डियों और सॉफ्ट टिश्यू जैसे मांसपेशियां, फैट, नसें और ब्लड वेसल में शुरू होने वाला कैंसर है। यह अन्य कैंसर की तुलना में दुर्लभ है, लेकिन युवाओं में इसके मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं।
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
1. लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहना
मोबाइल पर लगातार स्क्रॉल करना, टीवी देखना या लैपटॉप पर घंटों बैठकर काम करना शरीर को सुस्त बना देता है। इससे मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और शरीर में सूजन बढ़ सकती है। भले ही सरकोमा का सीधा कारण यह न हो, लेकिन यह शरीर की कोशिकाओं में बदलाव और इम्यून सिस्टम की कमजोरी का कारण बन सकता है।
2. खराब डाइट और पोषण की कमी
आजकल फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाने की आदत बढ़ रही है। ज्यादा शक्कर, ज्यादा फैट और कम फल-सब्जियां खाने से जरूरी विटामिन और मिनरल की कमी हो जाती है। यह इम्यूनिटी कमजोर करता है और डीएनए को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।
3. लगातार तनाव और हार्मोनल बदलाव
लंबे समय तक तनाव में रहने से कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे सूजन और इम्यून सिस्टम की कमजोरी होती है। तनाव सरकोमा का सीधा कारण न होते हुए भी कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाला कारक बन सकता है।
4. कम शारीरिक गतिविधि
किशोरावस्था और युवावस्था में शरीर तेजी से बढ़ता है। इस दौरान खेलकूद और व्यायाम से दूरी रखने पर मस्क्युलोस्केलेटल सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में पीछे रह जाता है।
कैसे बचें?
संतुलित आहार लें- रोज फल, सब्जियां, नट्स और घर का बना खाना खाएं।
रोज व्यायाम करें- 10–15 मिनट की एक्सरसाइज भी फायदेमंद है।
सुबह की सैर करें- यह शरीर और मन दोनों के लिए जरूरी है।
स्क्रीन टाइम घटाएं- सिर्फ जरूरी होने पर ही मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करें।
डिजिटल डिटॉक्स अपनाएं- यह तनाव कम करेगा।
जागरूकता है सबसे बड़ा बचाव
फिलहाल कोई ठोस सबूत नहीं है कि स्क्रीन टाइम, खराब डाइट, तनाव या व्यायाम की कमी सीधे सरकोमा का कारण हैं। लेकिन ये सभी फैक्टर्स इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकते हैं और बीमारियों के लिए अनुकूल माहौल बना सकते हैं। अगर समय रहते आदतें बदली जाएं तो आने वाली पीढ़ियां गंभीर बीमारियों से बच सकती हैं। छोटे-छोटे बदलाव जैसे सही खाना, रोजाना एक्टिविटी और मानसिक संतुलन युवाओं को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।
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