Bihar: सीतामढ़ी में जानकी मंदिर की आधारशिला, गृहमंत्री अमित शाह ने किया भूमिपूजन, नेपाल के जनकपुर से भी जुड़ा है रिश्ता

बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुनौरा गांव में गृहमंत्री अमित शाह ने माता सीता के भव्य मंदिर की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री और कई अन्य नेता मौजूद रहे। माना जाता है कि यही वह पवित्र स्थान है, जहां राजा जनक हल जोतते समय माता सीता को धरती से प्राप्त किया था। यहां पहले से एक प्राचीन सीता मंदिर है, जहां पूजा-अर्चना के बाद नए मंदिर के निर्माण की पहली ईंट रखी गई।

नेपाल के जनकपुर से धार्मिक जुड़ाव

सीतामढ़ी का यह स्थान नेपाल के तराई क्षेत्र स्थित जनकपुर से धार्मिक रूप से जुड़ा हुआ है। जनकपुर को मिथिला के राजा जनक की राजधानी माना जाता है। यह स्थान न केवल माता सीता के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है, बल्कि प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह स्थल के रूप में भी जाना जाता है। जनकपुरधाम में माता सीता का भव्य और ऐतिहासिक मंदिर मौजूद है, जो लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

भव्य वास्तुकला का उदाहरण- जनकपुर मंदिर

नेपाल में स्थित यह सीता मंदिर राजपूत और हिंदू शैली की अद्भुत वास्तुकला का उदाहरण है। पूरी तरह सफेद पत्थरों से बना यह तीन मंजिला मंदिर बेहद आकर्षक है। मंदिर परिसर में ‘स्वयंवर मंडप’ भी है, जो माता सीता और भगवान राम के विवाह का प्रतीक है।

इतिहास और निर्माण

जनकपुर का यह मंदिर महारानी वृषभानु कुमारी ने 1911 में बनवाया था। उस समय इसके निर्माण पर 9 लाख रुपये खर्च हुए थे, इसलिए इसे “नौलखा मंदिर” भी कहा जाता है। कहा जाता है कि महारानी ने पुत्र प्राप्ति की कामना से यह मंदिर बनवाया था।

मंदिर परिसर की खासियतें

जनकपुर के आसपास 115 सरोवर और कुंड हैं, जिनमें परशुराम सागर, धनुष सागर और गंगा सागर सबसे प्रसिद्ध हैं। विशेष अवसरों में ‘विवाह पंचमी’ यहां बड़े उत्साह और भव्यता से मनाई जाती है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

सीतामढ़ी से जनकपुर कैसे पहुंचें

बिहार के सीतामढ़ी से नेपाल के जनकपुर की दूरी करीब 51 किलोमीटर है, जिसे सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ घंटे में तय किया जा सकता है। सीतामढ़ी-भिट्ठामोड़ बॉर्डर होते हुए जनकपुर पहुंचा जाता है। यहां जाने के लिए वीजा या पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती, लेकिन सीमा पर नियमित चेकिंग होती है। ट्रेन से जाने के लिए सीतामढ़ी से जनकपुर रोड स्टेशन तक यात्रा करनी होगी और फिर सड़क मार्ग से 30–35 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। अधिकतर श्रद्धालु सीधा बस या टैक्सी से ही जाते हैं।

आस्था और पर्यटन का संगम

सीतामढ़ी और जनकपुर दोनों ही स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भी हैं। नए जानकी मंदिर के निर्माण से इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा और भी खास हो जाएगी।

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Author: The Hindi Post