Facebook से यूट्यूब तक छाया ‘मन की बात’, कार्यक्रम से अब तक 34.13 करोड़ की कमाई, सरकार ने दी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ देशभर में लोगों से सीधे संवाद का एक अहम जरिया बन चुका है। शुक्रवार को राज्यसभा में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने बताया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक 34.13 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ आकाशवाणी अपने मौजूदा संसाधनों से तैयार करता है और इसके लिए अतिरिक्त खर्च नहीं किया जाता।

2014 में हुई थी शुरुआत

‘मन की बात’ का पहला प्रसारण 3 अक्टूबर 2014 को हुआ था। तब से हर महीने पीएम मोदी इस कार्यक्रम के जरिए देश के अलग-अलग मुद्दों, जन-भागीदारी, प्रेरक कहानियों और सरकार की नीतियों पर बात करते हैं। यह कार्यक्रम न सिर्फ रेडियो पर, बल्कि टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारित होता है, जिससे इसकी पहुंच देश के हर कोने तक बनी रहती है।

क्षेत्रीय भाषाओं में भी होता है प्रसारण

मंत्री एल. मुरुगन ने बताया कि ‘मन की बात’ का प्रसारण क्षेत्रीय भाषाओं में भी किया जाता है ताकि यह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। आकाशवाणी और दूरदर्शन के राष्ट्रीय व क्षेत्रीय चैनलों के अलावा, डीडी फ्री डिश पर 48 आकाशवाणी रेडियो चैनलों और 92 निजी टीवी चैनलों के जरिए भी इसे सुना और देखा जा सकता है।

डिजिटल और सोशल मीडिया पर भी मौजूदगी

‘मन की बात’ को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी संख्या में लोग सुनते और देखते हैं। यह कार्यक्रम पीएमओ इंडिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स, प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म वेव्स आकाशवाणी, यूट्यूब चैनलों और न्यूजऑनएआईआर मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है। न्यूजऑनएआईआर ऐप पर 260 से अधिक आकाशवाणी चैनल सुने जा सकते हैं। इसके अलावा, यह कार्यक्रम प्रसार भारती की न्यूज फीड सेवा ‘पीबी शब्द’ पर भी मौजूद है।

फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम तक

मंत्री के अनुसार, ‘मन की बात’ फेसबुक, एक्स (पहले ट्विटर), इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है, जिससे भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों में लोग इसे देख और सुन सकते हैं। विजुअल फॉर्मेट में यह कार्यक्रम दर्शकों को अधिक जोड़े रखने और संवाद का माहौल बनाने में मदद करता है।

‘मन की बात’ कार्यक्रम का संदेश और मकसद

‘मन की बात’ का मकसद शासन से जुड़े मुद्दों पर जनता से संवाद करना, देश में हो रही सकारात्मक पहलों को उजागर करना और लोगों को देश निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। यह कार्यक्रम राजनीति से अलग, आम जनता की कहानियों और उपलब्धियों पर ज्यादा फोकस करता है, जिससे यह हर वर्ग में लोकप्रिय हो गया है।

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Author: The Hindi Post