उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पुलिस ने एक शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को मध्य प्रदेश का मंत्री बताकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पर दबाव बना रहा था। आरोपी ने SSP को कॉल करके एक आरोपी के पक्ष में पैरवी करने की कोशिश की और थानाध्यक्ष को सस्पेंड करने तक की मांग कर डाली। लेकिन पुलिस की जांच में यह पूरा मामला फर्जी निकला। आरोपी की पहचान अंकित सिंह परिहार के रूप में हुई है, जो इटावा के सहसों थाना क्षेत्र के पिपरौली गढ़िया गांव का रहने वाला है।
कैसे खुला फर्जी मंत्री का राज?
अंकित सिंह परिहार ने खुद को मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बताकर SSP इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव से संपर्क किया। उसने ट्रूकॉलर ऐप पर मंत्री के नाम से फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी ताकि जब वह किसी को कॉल करे तो सामने वाले को लगे कि मंत्री का फोन आया है। वह लगातार दो दिन तक SSP के सरकारी नंबर पर कॉल कर रहा था और सहसों थाने में दर्ज एक केस में आरोपी के पक्ष में कार्रवाई की मांग कर रहा था।
सहसों थानाध्यक्ष को तुरंत निलंबित करने का आरोपी ने दिया था आदेश
इतना ही नहीं, उसने SSP से यह भी कहा कि सहसों थानाध्यक्ष को तुरंत निलंबित किया जाए। पुलिस को इस व्यवहार पर शक हुआ और SSP के निर्देश पर मामले की जांच शुरू हुई। जब कॉल डिटेल और नंबर की पड़ताल की गई तो पता चला कि कॉल करने वाला कोई मंत्री नहीं बल्कि एक शातिर अपराधी है।
ठंडी पुलिया के पास से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी को लॉयन सफारी के पास ठंडी पुलिया से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है जिसमें कई लोगों के आधार कार्ड और अन्य निजी दस्तावेजों की तस्वीरें भी मिली हैं। इससे पुलिस को शक है कि वह पहले भी कई बार फर्जीवाड़े में लिप्त रहा है।
पुराना आपराधिक इतिहास भी आया सामने
शुरुआती जांच में पुलिस को आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है। इसके तहत साल 2016 में, अंकित पर सहसों थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। वहीं साल 2018-19 में, उसने ग्वालियर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में खुद को पुलिस सब-इंस्पेक्टर बताकर इंस्टाग्राम पर वर्दी पहने हुए फोटो डाल दी थी। इस मामले में भी फर्जीवाड़े का केस दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, अंकित सिंह परिहार फर्जी पहचान, वर्दी और नामों का इस्तेमाल करके लोगों को गुमराह करता था।
फिलहाल इटावा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी अफसर बनकर धोखा करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अंकित ने अब तक कितने लोगों को फंसाया है या और किन-किन मामलों में उसका नाम सामने आ सकता है।
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