कानपुर में जिलाधिकारी और पूर्व सीएमओ के विवाद के बाद, हाईकोर्ट ने पूर्व सीएमओ हरिदत्त नेमी को स्टे मिल गया। जिसके बाद नेमी ने पदभार ग्रहण कर लिया, जबकि नए सीएमओ उदयनाथ भी कार्यालय पहुंच गए। दोनों की एक साथ उपस्थिति से कानपुर प्रशासन में अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। दोनों अफसर आपस में कुर्सी को लेकर भीड़ गए।
कानपुर में स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ कार्यालय में मंगलवार को अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। यहां दो-दो सीएमओ एक ही दफ्तर में आमने-सामने बैठ गए। एक ओर थे निलंबित किए जा चुके डॉ. हरिदत्त नेमी, जो हाईकोर्ट से स्टे आदेश लेकर पहुंचे थे, और दूसरी ओर थे सरकार द्वारा हाल ही में नियुक्त किए गए नए सीएमओ डॉ. उदयनाथ।
दरअसल, कुछ दिन पहले ही हरिदत्त नेमी को उनके पद से हटा दिया गया और नए सीएमओ की नियुक्ति कर दी गई. वहीं हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद हरिदत्त नेमी सीएमओ ऑफिस पहुंच गए कुर्सी पर बैठ गए. वहीं नए सीएमओ उदयनाथ भी सीएमओ ऑफिस जा पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में बगल में ही कुर्सी लगाकर बैठ गए। उन्होंने कामकाज भी शुरू कर दिया। जिसे देखकर स्टाफ के लोग भी आश्चर्य में पड़ गए। कुछ देर बाद जब इसकी जानकारी मौजूदा सीएमओ डॉक्टर उदयनाथ को मिली तो वह भी सीएमओ कार्यालय पहुंचे। लेकिन कमरे में बैठे सीएमओ डॉक्टर हरिदत्त के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्होंने तत्काल मौके पर स्थानीय पुलिस को बुलाया और मामले से अवगत कराया। इसके बाद वह सीएमओ कमरे में दाखिल हुए।
इस दौरान दोनों अफसरों के बीच कुर्सी को लेकर बहस भी हुई। डॉ. नेमी का कहना था कि उन्हें कोर्ट से स्टे मिला है, इसलिए वे पूरी तरह अधिकृत होकर फिर से पदभार ग्रहण कर रहे हैं। वहीं, डॉ. उदयनाथ का कहना था कि केवल कोर्ट का स्टे दिखाकर सीधे चार्ज नहीं लिया जा सकता। इसके लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की ओर से नई तैनाती का आदेश जरूरी है।
फिलहाल पूर्व सीएमओ हरिदत्त नेमी के सीएमओ ऑफिस में पहले पहुंचकर कुर्सी पर बैठ जाने के बाद डॉक्टर उदयनाथ वर्तमान तैनात सीएमओ जब कमरे में पहुंचे तो उनसे आदेश को लेकर बहस हो गई। मौके पर हालात को देखते हुए कोई अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पुलिस बल तैनात कर दिया है।
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