Madhya Pradesh: जाति पर टूटा सात फेरों का बंधन, 18 घंटे में शादी खत्म!

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शादी सिर्फ 18 घंटे ही टिक सकी। शादी टूटने की वजह बनी जाति को लेकर झूठ बोलना। मामला शिवपुरी के करैरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां की रहने वाली एक युवती की शादी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के रक्सा थाना क्षेत्र के बसाई गांव के युवक से हुई थी।

शादी के 18 घंटे बाद सामने आई सच्चाई

युवक और युवती ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी की थी, भगवान को साक्षी मानकर फेरे लिए थे और रिश्तेदारों की मौजूदगी में जयमाला और पूजा-पाठ भी हुआ था। शादी के बाद दोनों परिवार बेहद खुश थे और उत्सव जैसा माहौल था लेकिन ये खुशियां ज्यादा देर तक टिक नहीं पाईं। शादी के सिर्फ 18 घंटे बाद ही दूल्हे को पता चला कि दुल्हन ने अपनी असली जाति छुपाई थी। बताया जा रहा है कि दुल्हन ने खुद को राजपूत बताया था, लेकिन असल में वह यादव जाति की निकली।

दूल्हे ने रिश्ते को निभाने से किया साफ इंकार

असल जाति छुपाए जाने का राज तब खुला जब समारोह के दौरान दुल्हन के भाई ने शराब के नशे में यह बात स्वीकार कर ली कि वे लोग यादव हैं, न कि राजपूत। जब ये बात दूल्हे और उसके परिवार को पता चली तो उन्होंने गुस्से में शादी को मानने से ही इनकार कर दिया। दूल्हे ने साफ कहा कि जाति की जानकारी गलत दी गई है, इसलिए वह इस रिश्ते को आगे नहीं निभा सकता। इस पर दुल्हन का भाई मौका देखकर वहां से भाग गया। मामला बिगड़ते देख दोनों परिवार थाने पहुंचे।

दोनों परिवारों ने रिश्ते को खत्म करने की बात कही- थाना प्रभारी

इस मामले की आखिरी पटकथा रक्सा थाने में लिखी गई। जब दोनों पक्ष वहां पहुंचे और बताया कि शादी अब आगे नहीं चल सकती। थाना प्रभारी राहुल राठौर के मुताबिक, दोनों परिवारों ने रिश्ते को खत्म करने की बात कही लेकिन किसी ने लिखित शिकायत नहीं की। उन्हें सलाह दी गई कि अगर कानूनी कार्रवाई करनी है तो कोर्ट के माध्यम से करें।

जातिवाद की वजह से टूटा रिश्ता

यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि आज भी समाज में जाति की दीवारें मजबूत बनी हुई हैं। दो लोगों के बीच बनी एक नई जिंदगी की शुरुआत जातिगत भेदभाव और झूठ पर खत्म हो गई। हालांकि दोनों पक्षों ने झगड़ा नहीं किया और आपसी सहमति से रिश्ता खत्म किया, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या एक शादी का अंत केवल जाति के कारण होना जायज़ है?

इस घटना ने समाज में ईमानदारी, पारदर्शिता और जातिवाद पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी का रिश्ता भरोसे पर टिकता है, लेकिन जब वह भरोसा झूठ और भेदभाव में टूट जाए, तो इसका अंजाम इतना कड़वा भी हो सकता है।

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The Hindi Post
Author: The Hindi Post