Astrology: क्या कुंडली में है मंगल दोष? जानिए शादी से पहले उपाय, वरना जीवन भर पड़ेगा पछताना

जहां पूरे देश में सोनम और राजा रघुवंशी हत्याकांड की चर्चा सुर्खियों में है। वही एक ज्योतिषी ने यह दावा किया है कि दोनों की कुंडली में मंगल दोष था। यह सुनने के बाद से लोग दहशत में है। ऐसे जातक और उनके घरवाले सोच में पड़ गए हैं कि क्या मंगलदोष में विवाह के ये परिणाम भी हो सकते हैं। लोग जानना चाहते हैं कि क्या सचमुच मंगल दोष का इतना खतरनाक असर हो सकता है?


लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल

क्या मंगल दोष में शादी करने पर इंसान को इस परिणाम से गुजरना पड़ सकता है. क्या मंगल दोष की पूजा किये बगैर शादी करना इतना नुकसानदेह हो सकता है कि उसका भुगतान जीवन को देकर भुगतना पड़ सकता हैं। इन सारी बातों को लेकर आज हर एक आम आदमी चर्चा कर रहा है? क्योंकि इस मामले में एक ज्योतिष ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि राजा और सोनम दोनों ही मंगली थे।

मंगल दोष क्या होता है?


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी की जन्मकुंडली में मंगल ग्रह लग्न, चतुर्थ, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित हो, तो उस व्यक्ति को मंगली या मांगलिक कहा जाता है। यह दोष वैवाहिक जीवन में अशांति, संघर्ष, यहां तक कि मृत्यु तक का कारण बन सकता है, यदि सही उपाय न किए जाएं।

विवाह से पहले करें ये उपाय

अगर लड़कियां मंगली हैं तो वह एक बात जान लें कि उनको यह उपाय अवश्य ही करना चाहिए। उनको मंगला गौरी व्रत हमेशा रखना चाहिए और वट सावित्री की पूजा हमेशा करनी चाहिए।

मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण पढ़ें और हनुमान मंदिर जाकर उन्हें चोला चढ़ाएं। इससे मंगल का नकारात्मक प्रभाव कम होता है।

अगर विवाह के मामले की बात करें तो सबसे जरूरी उपाय। मांगलिक जातक की जब भी विवाह की बात हो तो उसके पिता विवाह संबंधी बातों में आगे ना हों, हमेशा चाचा, दादा, या ताऊ या फिर इनके अभाव में घर का कोई भी बड़ा विवाह की बात कर सकता है, लेकिन पिता विवाह की बात ना करें।

विवाह से पूर्व पीपल, वटवृक्ष या भगवान विष्णु की मूर्ति के साथ प्रतीकात्मक विवाह (प्राण प्रतिष्ठा सहित) करना शुभ माना जाता है। इससे असली विवाह में मंगल दोष कम होता है।

एक अहम बात जो मांगलिक व्यक्ति को विवाह से पहले जरूर ध्यान में रखनी चाहिए। जीवनसाथी की कुंडली का मिलान जरूरी है। ऐसा कतई नहीं है कि मंगल दोष दोनों की कुंडली में हो तो उनका विवाह हो सकता है। कुंडली में मंगल दोष की सामानता देखना बहुत जरूरी होता है। इस सामानता को जांचने के बाद ही ज्योतिषी की सलाह पर मंगली या मंगला व्यक्ति को शादी के लिए कदम बढ़ाना चाहिए।

सिर्फ यह देखकर कि दोनों मंगली हैं, विवाह न करें। कुंडली में मंगल दोष की समानता और ग्रह दशा का मिलान बेहद जरूरी है।

मंगलवार के दिन चांदी की चूड़ी या कड़ा मंगला गौरी को अर्पित करके धारण करना चाहिए इससे मंगल का प्रभाव कम होता है।

इन उपायों के जरिए मंगल के प्रभाव को काफी हद तक कम तो कर सकते हैं। लेकिन पूरी तरीके से हटा नहीं सकते जैसे कि बारिश होने पर आप छाता तो ले सकते हैं लेकिन बारिश को नहीं रोक सकते। इसलिए ज्योतिष शास्त्र की मानें तो विवाह पूर्व आपको अपनी कुंडली का मिलान जरूर करना चाहिए।

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Author: The Hindi Post