Rohit के फैसले पर रवि शास्त्री ने तोड़ी चुप्पी, कोचिंग रणनीति पर गंभीर सवाल

भारतीय क्रिकेट के लिए बीते कुछ दिन बेहद भावनात्मक और चौंकाने वाले रहे. एक ही हफ्ते में दो दिग्गज—रोहित शर्मा और विराट कोहली—ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. फैंस के लिए यह खबर न केवल अप्रत्याशित थी, बल्कि दिल तोड़ने वाली भी रही. इन घोषणाओं ने आगामी इंग्लैंड दौरे से पहले टीम इंडिया की रणनीति और संतुलन दोनों को झकझोर कर रख दिया है.

रोहित शर्मा का इंस्टाग्राम विदाई संदेश

रोहित शर्मा ने 7 मई को इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए टेस्ट क्रिकेट से अपने विदा होने की जानकारी दी. इस पोस्ट के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट उनका आखिरी मुकाबला था. हालांकि, सीरीज के अंतिम टेस्ट में रोहित सिडनी में टीम का हिस्सा नहीं थे. उन्होंने तब यह दावा किया था कि वह स्वेच्छा से उस मैच से बाहर हुए थे.

रवि शास्त्री ने उठाए सवाल

अब पूर्व कोच रवि शास्त्री ने उस फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ICC रिव्यू शो में बोलते हुए शास्त्री ने खुलासा किया कि उन्होंने हाल ही में मुंबई में रोहित से मुलाकात की थी. शास्त्री ने कहा, “अगर मैं उस वक्त कोच होता, तो रोहित वो मैच जरूर खेलते. वह सीरीज का निर्णायक क्षण था, जहां टीम को हर सीनियर खिलाड़ी की जरूरत थी.”

गंभीर पर अप्रत्यक्ष हमला

शास्त्री ने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान के इशारे मौजूदा कोच गौतम गंभीर की ओर साफ देखे जा सकते हैं. उन्होंने कहा, “मैं वो इंसान नहीं हूं जो 2-1 की स्थिति में हार मान जाए. वह ऐसा टेस्ट था जहां 30-40 रन भी निर्णायक हो सकते थे. ऐसे में टीम को छोड़ देना ठीक नहीं था.”

फैसले और फॉर्मेट के बीच विरोधाभास

सिडनी टेस्ट के वक्त रोहित शर्मा ने साफ किया था कि उनका इरादा टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का नहीं है. उन्होंने खुद को सिर्फ उस मैच से अलग रखने की बात कही थी. मगर मात्र 5 महीनों के अंदर ही उन्होंने इस फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी, जिससे उनके उस समय के बयान पर भी सवाल उठने लगे हैं.

फैंस के बीच गहराया संदेह

शास्त्री के बयान ने इस पूरे प्रकरण को एक नया मोड़ दे दिया है. सोशल मीडिया पर फैंस अब यह जानना चाह रहे हैं कि क्या रोहित के संन्यास के पीछे कोई आंतरिक दबाव था, या यह पूरी तरह व्यक्तिगत फैसला था. साथ ही, कोच और टीम मैनेजमेंट की रणनीति को लेकर भी बहस तेज हो गई है.

नया युग, नई चुनौतियां

विराट और रोहित की टेस्ट से विदाई के साथ ही भारतीय क्रिकेट एक नए युग में प्रवेश कर चुका है. मगर रवि शास्त्री के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बदलाव की इस प्रक्रिया में कई अनकही कहानियां भी छिपी हैं, जो शायद धीरे-धीरे सामने आएंगी.

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Author: The Hindi Post