22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों द्वारा 26 सैलानियों की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया। इसके जवाब में भारत ने महज 15 दिनों में पाकिस्तान को चारों खाने चित करने वाले 15 बड़े कदम उठाए। इन रणनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य कार्रवाईयों से पाकिस्तान न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ गया, बल्कि आंतरिक रूप से भी जल और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
1 सबसे बड़ा झटका सिंधु जल संधि को तोड़ कर दिया गया। 1960 की इस संधि के अंतर्गत पाकिस्तान को बहने वाले पानी पर अधिकार मिलता था, लेकिन अब भारत ने पानी रोककर पाकिस्तान को सूखे की कगार पर ला खड़ा किया।
2 भारत ने पाकिस्तान से सभी व्यापारिक रिश्ते समाप्त कर दिए। इसके चलते पाकिस्तान को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है क्योंकि उसका माल भारत में नहीं पहुंच पा रहा।
3 चेनाब नदी का पानी भी रोक दिया गया है। पाकिस्तान इसे ‘वाटर अटैक’ कह रहा है क्योंकि देश की नदियां और नाले सूखने लगे हैं।
4 भारत ने कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की मुहिम शुरू की। इसका असर यह हुआ कि कोई भी बड़ा देश पाकिस्तान के समर्थन में खुलकर नहीं आया।
5 पाकिस्तान से सभी प्रकार के आयात बंद कर दिए गए हैं। इसमें सीमेंट, सेंधा नमक, ड्राय फ्रूट्स, स्टील और अन्य सामग्रियाँ शामिल हैं।
6 पहली बार भारत ने पाकिस्तान के डाक सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच संचार भी प्रभावित हुआ है।
7 पाकिस्तानी जहाजों की भारतीय जलसीमा में एंट्री को बैन कर दिया गया है, जिससे पाकिस्तान का व्यापारिक मार्ग बाधित हुआ है।
8 भारत ने सभी पाकिस्तानी सैन्य सलाहकारों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य संपर्क पूरी तरह टूट गए हैं।
9 भारत ने झेलम नदी का पानी अचानक छोड़ दिया, जिससे पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई और लोग घर छोड़ने पर मजबूर हो गए।
10 संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहल से पाकिस्तान को कोई समर्थन नहीं मिला। सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने उलटे पाकिस्तान से सवाल किए।
11 पहली बार मुस्लिम देशों ने भी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया। प्रधानमंत्री मोदी की सऊदी यात्रा के दौरान सऊदी अरब ने आतंकवादी हमले की निंदा की।
12 भारत ने नई दिल्ली स्थित सभी दूतावासों को पाकिस्तान के आतंकी रवैये की जानकारी दी। इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पाकिस्तान की छवि और खराब हुई।
13 भारत की रणनीतिक दबाव नीति से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। कराची स्टॉक एक्सचेंज में भारी गिरावट दर्ज की गई।
14 सलाल और बघलियार जैसे प्रमुख बांधों से पाकिस्तान को मिलने वाला पानी रोक दिया गया। इससे पाकिस्तान में बिजली उत्पादन और पीने के पानी की भारी किल्लत शुरू हो गई।
15 अंतिम और निर्णायक कदम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रूप में उठाया गया, जिसमें भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर कर दिया।
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