Seema Haider को नहीं जाना होगा पाकिस्तान: वकील एपी सिंह का बड़ा बयान, कहा- मामला अलग, शरणार्थी अर्जी राष्ट्रपति के पास लंबित

भारत में रह रही पाकिस्तान की नागरिक सीमा हैदर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के तहत भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी था कि क्या सीमा हैदर को भी भारत छोड़ना होगा? इस सवाल का जवाब खुद सीमा हैदर के वकील एपी सिंह ने दिया है।

एपी सिंह ने स्पष्ट किया है कि सीमा हैदर का मामला बाकी पाकिस्तानी नागरिकों से पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि सीमा को उत्तर प्रदेश की कोर्ट से जमानत मिल चुकी है और वह भारत में एक शरणार्थी के रूप में रह रही है। इस सिलसिले में उसकी अर्जी राष्ट्रपति के पास लंबित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार द्वारा लिए गए हालिया फैसले का सीमा पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उसका मामला कानूनी रूप से अलग श्रेणी में आता है।

वकील एपी सिंह के अनुसार, सीमा हैदर के सभी दस्तावेज पहले ही केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंपे जा चुके हैं। वह भारत की कानून व्यवस्था का पूरी तरह पालन कर रही है और पिछले काफी समय से यहां शांतिपूर्ण जीवन जी रही है। उन्होंने बताया कि सीमा ने भारत में न सिर्फ शादी की है, बल्कि वह एक बच्चे की मां भी बन चुकी है।

बता दें कि सीमा हैदर मूल रूप से पाकिस्तान की नागरिक है। पबजी गेम खेलते हुए वह ग्रेटर नोएडा के सचिन मीणा के संपर्क में आई थी। दोनों के बीच ऑनलाइन दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और सीमा ने अपने पहले पति गुलाम हैदर को छोड़कर चार बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया। यहां आने के बाद उसने वकील एपी सिंह की मदद से सचिन मीणा से शादी की और अब वह उसके साथ एक बच्चे की मां भी बन चुकी है।

सीमा हैदर के पहले पति गुलाम हैदर ने भी इस पूरे मामले में भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। गुलाम ने कहा है कि यह सही समय है जब सीमा को भारत से वापस भेजा जाए। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो उसे भारत में ही कानून के तहत सजा दी जाए, लेकिन उसके चारों बच्चों को पाकिस्तान भेजा जाए।

हालांकि, वकील एपी सिंह का दावा है कि भारत की सरकार और न्यायपालिका पर उन्हें पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि सीमा हैदर ने यहां आने के बाद से कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं की है और पूरी तरह भारतीय कानूनों का पालन कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीमा को जब तक उसकी शरणार्थी याचिका पर कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक उसे भारत छोड़ने की जरूरत नहीं है।

फिलहाल सीमा हैदर का मामला न केवल कानूनी बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी संवेदनशील बना हुआ है। एक तरफ कानून का पालन और राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न है, वहीं दूसरी ओर एक महिला, उसकी मातृत्व भूमिका और उसके बच्चों का भविष्य भी दांव पर है। अब देखना यह होगा कि भारत सरकार इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।

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Author: The Hindi Post