Prayagraj: एक हाथ से डाली वरमाला, दूसरे हाथ ने लौटा दी बारात!

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के हरिसेन गंज गांव में एक शादी समारोह उस वक्त चर्चा का विषय बन गया जब दुल्हन ने जयमाल के मंच पर दूल्हे को मना कर दिया. शादी की रस्में पूरी होने से पहले ही बवाल इतना बढ़ गया कि बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा. पुलिस को भी स्थिति संभालने के लिए मौके पर आना पड़ा.

वरमाला डालते ही भड़की दुल्हन

घटना की शुरुआत जयमाल की रस्म से हुई. मंच पर पहले दुल्हन ने दूल्हे के गले में वरमाला डाली, लेकिन जैसे ही दूल्हे ने एक हाथ से वरमाला पहनाई, दुल्हन चौंक गई. उसने तुरंत दूल्हे से दूसरा हाथ दिखाने को कहा और पता चला कि दूल्हा दिव्यांग है. यह जानकारी मिलते ही दुल्हन ने विरोध जताया और स्टेज पर ही हंगामा शुरू कर दिया.

शादी की जानकारी छुपाने पर भड़का वधू पक्ष

दुल्हन और उसके परिवार का आरोप था कि दूल्हे की दिव्यांगता की जानकारी शादी से पहले नहीं दी गई थी. यह बात छुपाने से वे खुद को ठगा महसूस कर रहे थे. दुल्हन ने मंच पर ही शादी से इनकार कर दिया और साफ कह दिया कि वह इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेगी. इस फैसले के बाद दोनों पक्षों में बहस और तनाव की स्थिति बन गई.

बारातियों को बनाया गया बंधक, मौके पर पहुंची पुलिस

हालात बिगड़ते देख वधू पक्ष के कुछ लोगों ने बारातियों को घर के अंदर ही रोक लिया, जिसे स्थानीय लोगों ने ‘बंधक बनाना’ बताया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप कर माहौल को शांत किया. पुलिस की समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच सामान वापसी की सहमति बनी और बारात वापस लौट गई.

पंचायत के बाद टूटा रिश्ता, लौटे बिना दुल्हन

काफी देर तक चली पंचायत और बातचीत के बावजूद दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को शादी में दिए गए गिफ्ट, कपड़े और अन्य सामान लौटा दिए. अंततः दूल्हा पक्ष की बारात फाफामऊ के शांतिपुरम लौट गई—बिना दुल्हन, बिना विदाई.

गांव में चर्चा का विषय बनी शादी

यह घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है. कई लोग इसे दुल्हन का साहसी फैसला मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे रिश्तों में पारदर्शिता की कमी का परिणाम बता रहे हैं. पुलिस ने मामले को शांतिपूर्वक निपटाने में सक्रिय भूमिका निभाई और अब स्थिति सामान्य है.

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Author: The Hindi Post