Triveni की बेटी ने रचा इतिहास: शक्ति दुबे बनीं UPSC 2024 की टॉपर

प्रयागराज की रहने वाली शक्ति दुबे ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है. मंगलवार को घोषित हुए परिणाम में उन्होंने देशभर के लाखों उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए टॉप किया. उनके बाद हर्षिता गोयल दूसरे स्थान पर रहीं. टॉप 5 उम्मीदवारों में 3 महिलाएं शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक संकेत है.

शिक्षा की मजबूत नींव: प्रयागराज से BHU तक का सफर

शक्ति दुबे की शिक्षा यात्रा प्रयागराज से शुरू हुई, जहां उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और ग्रेजुएशन पूरी की. ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय को चुना. इसके बाद वे काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) चली गईं, जहां से उन्होंने 2016 में बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. विज्ञान के क्षेत्र में उनकी गहरी समझ ने उनकी सोच को व्यापक दृष्टिकोण दिया, जो सिविल सेवा की तैयारी में सहायक साबित हुआ.

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध बना वैकल्पिक विषय

यूपीएससी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि शक्ति ने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध (PSIR) को अपना वैकल्पिक विषय चुना था. इस विषय की तैयारी के दौरान उन्होंने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय प्रशासनिक दृष्टिकोण को समझने की गहरी कोशिश की. शक्ति ने कहा था कि सिविल सेवा उनके लिए केवल करियर नहीं बल्कि देश सेवा का माध्यम है.

छह साल की कड़ी मेहनत का फल

शक्ति दुबे ने 2018 से यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी. छह वर्षों की लगातार मेहनत, समर्पण और धैर्य के बाद आखिरकार उन्होंने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया. एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उनके अनुसार, निरंतर आत्ममूल्यांकन और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है.

प्रयागराज की पहचान: श्रद्धा और संस्कृति का संगम

एक शैक्षणिक संस्थान को दिए गए इंटरव्यू में जब शक्ति से पूछा गया कि अयोध्या राम के लिए, काशी शिव के लिए जानी जाती है, तो प्रयागराज की पहचान क्या है — इस पर उन्होंने गर्व से जवाब दिया कि प्रयागराज त्रिवेणी संगम का प्रतीक है. गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की संगम स्थली होने के कारण यह धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है.

परीक्षा का आंकड़ा: लाखों में से चुने गए हज़ार

2024 की प्रारंभिक परीक्षा 16 जून को आयोजित हुई थी, जिसमें 9.92 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया. इनमें से करीब 5.83 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए. मेन्स परीक्षा में 14,627 उम्मीदवारों ने सफलता पाई और 2,845 को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. अंततः 1,009 प्रतिभागियों को अंतिम चयन सूची में शामिल किया गया, जिनमें 284 महिलाएं भी शामिल हैं.

;
The Hindi Post
Author: The Hindi Post