Waqf की जमीनें, माफिया के कब्जे: अतीक-अशरफ के ‘संपत्ति साम्राज्य’ का पर्दाफाश

वक्फ संशोधन बिल 2025 के संसद से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद प्रयागराज में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे का पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस पूरे विवाद का केंद्र हैं गैंगस्टर अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ, जिन्होंने कथित रूप से वक्फ बोर्ड की करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा किया था.

71 करोड़ की वक्फ संपत्ति पर कब्जा

प्रयागराज के सल्लाहपुर इलाके में अतीक और अशरफ ने सुन्नी वक्फ बोर्ड की 71 करोड़ रुपए की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया था. इतना ही नहीं, करीब 50 करोड़ रुपए की जमीन को यह माफिया परिवार पहले ही बेच चुका था. जांच में यह भी सामने आया कि इन जमीनों की खुदाई कर उसकी मिट्टी तक बेची गई थी, जिससे वक्फ को दोहरा नुकसान हुआ.

पूर्व मुत्तलवी की मिलीभगत

यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और मंडलायुक्त प्रयागराज की संयुक्त जांच में पाया गया कि वक्फ बोर्ड के तत्कालीन मुत्तलवी सैयद मोहम्मद अशीयम ने अतीक के परिवार की अवैध गतिविधियों में मदद की. उन्होंने 18 करोड़ रुपए की संपत्ति को 29 साल 6 महीने के लिए अतीक के रिश्तेदारों को रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए सौंपा और फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा दिलवाया. मामले के उजागर होने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया.

रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की संपत्तियां

जीटी रोड पर मौजूद 9 दुकानें और एक मकान पर अशरफ के साले मोहम्मद तारिक का कब्जा है, जिसकी कीमत 2 से 3 करोड़ आंकी गई है. वहीं 20 करोड़ की संपत्तियों पर मोहम्मद जैद, हमजा, मंशुद, अहमद, शिवली और अब्दुल्ला का कब्जा है—ये सभी अशरफ के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं. इन लोगों ने वक्फ की जमीन पर अवैध निर्माण करवाया है.

बुलडोजर की कार्रवाई और केस दर्ज

30 करोड़ की वक्फ संपत्तियों पर छोटे चप्पल वाले, मोहम्मद साबिर, उबैद उल्ला, अब्दुल्ला, सुहैल अहमद, अंसार अहमद, महमूद, मोहम्मद आबिद और मोहम्मद जैद ने दुकानों और बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कर लिया. एक मकान को पीडीए (प्रयागराज विकास प्राधिकरण) ने तोड़ा भी है. 50 लाख की संपत्ति पर अतीक के रिश्तेदार मोहम्मद फैज का कब्जा है.

कानूनी शिकंजा कसता जा रहा

18 नवंबर 2023 को प्रयागराज पुलिस ने अतीक अहमद के परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. इनमें से कुछ संपत्तियों पर बुलडोजर चल चुका है और बाकी पर प्रशासनिक कार्रवाई जारी है. वक्फ संशोधन बिल 2025 के लागू होने के बाद इस मामले की जांच और कार्रवाई को नई गति मिल सकती है.;

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Author: The Hindi Post