वाराणसी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। 19 वर्षीय युवती के साथ सात दिनों तक गैंगरेप की यह वारदात न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि रिश्तों के नाम पर हो रहे विश्वासघात की भयावह तस्वीर भी पेश करती है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती 29 मार्च से लापता हो गई थी। परिजनों ने तत्काल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस की लगातार कोशिशों के बाद 4 अप्रैल की शाम को युवती को बरामद किया गया।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती, गैंगरेप पर पहुंच गई कहानी
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी इंस्टाग्राम पर साजिद नामक युवक से दोस्ती हुई थी। साजिद ने धीरे-धीरे उसे अपने जाल में फंसाया और अन्य दोस्तों से भी पहचान करवाई। 29 मार्च को साजिद ने युवती को मिलने बुलाया और उसे मलदहिया के एक हुक्का बार में लेकर गया। वहां पहले से ही उसके छह दोस्त मौजूद थे, जिनमें से दो को पीड़िता पहले से जानती थी, बाकी अजनबी थे।
नशीली चीजें पिलाकर किया गया कुकर्म
हुक्का बार में युवती को नशीला पेय पदार्थ पिलाया गया, जिसके बाद आरोपियों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। सिर्फ यहीं नहीं, अगले सात दिनों तक इन दरिंदों ने युवती को अलग-अलग होटलों में ले जाकर बारी-बारी से गैंगरेप किया।
भागने में नाकाम रही पीड़िता, डर से रही चुप
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसे डराया-धमकाया और उसके साथ मारपीट भी की। होटल बदलते रहे ताकि कोई उन तक न पहुंचे। लड़की मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी और भागने की कोशिश भी नाकाम रही।
पुलिस ने शुरू की ताबड़तोड़ कार्रवाई
जैसे ही युवती की बरामदगी हुई, पुलिस ने उसकी शिकायत पर 6 अप्रैल को केस दर्ज कर लिया। वाराणसी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक हुक्का बार से जुड़ा व्यक्ति भी शामिल है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
होटल और हुक्का बार पर भी गिरी गाज
पुलिस कमिश्नर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन सभी होटलों और हुक्का बार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जहां इस कांड को अंजाम दिया गया। सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस बाकी आरोपियों की पहचान कर रही है।
संवेदनशीलता से लिया जा रहा है मामला
क्योंकि इस मामले में आरोपियों में एक खास समुदाय के युवक भी शामिल हैं, इसलिए पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है और किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए हर कदम सोच-समझकर उठा रही है।
कब थमेगा यह सिलसिला?
वाराणसी जैसी आध्यात्मिक नगरी में इस तरह की शर्मनाक घटना ने समाज को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक लड़की की कहानी नहीं है, बल्कि उन हजारों बेटियों की आवाज है जो विश्वास के नाम पर धोखा खा जाती हैं। सवाल सिर्फ ये है कि कब तक ये बेटियां शिकार बनती रहेंगी और कब मिलेगा उन्हें असली इंसाफ?;