Hanuman Jayanti पर करें ये उपाय, मिलेगी सफलता और हर संकट होगा दूर

पूरे देश में हनुमान जयंती बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाई जाती है. हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन बजरंगबली का जन्म हुआ था. धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को माता अंजनी और राजा केसरी के घर पवन पुत्र हनुमान ने जन्म लिया था. इस शुभ अवसर पर भक्तजन हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, सुंदरकांड और रामचरितमानस का पाठ करते हैं और भगवान राम, माता सीता व हनुमान जी की आराधना करते हैं.

हनुमान जयंती 2024: तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 12 अप्रैल को सुबह 3:21 बजे होगी और इसका समापन 13 अप्रैल को सुबह 5:51 बजे होगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, उदया तिथि के आधार पर हनुमान जयंती 12 अप्रैल को मनाई जाएगी. इस दिन विशेष रूप से भक्त उपवास रखते हैं और विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती?

हनुमान जी को संकट मोचक कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों के कष्ट हर लेते हैं. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और हनुमान चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के सभी दुख और परेशानियां दूर होती हैं. साथ ही, जीवन में सफलता और शत्रु नाश का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है.

हनुमान जयंती पूजन विधि और सामग्री

हनुमान जयंती के दिन भक्तजन अपने घरों और मंदिरों में हनुमान जी की विशेष पूजा करते हैं. पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री का उपयोग किया जाता है-

हनुमान जी की मूर्ति या चित्र
लाल रंग का आसन व वस्त्र
हनुमान जी के चरणों के लिए चरण पादुका
जनेऊ, अक्षत, फल, फूल और माला
गाय का घी, दीपक, चमेली का तेल और धूप
इलायची, लौंग, पान का बीड़ा और मोतीचूर के लड्डू
लाल सिंदूर, ध्वज, शंख, घंटी और लाल लंगोट

सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद, हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाया जाता है और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है. इस दिन व्रत रखने से जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं.

हनुमान जयंती पर विशेष आयोजन

देशभर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में इस दिन विशेष आयोजन किए जाते हैं. वाराणसी, उज्जैन, प्रयागराज, अयोध्या और दिल्ली के मंदिरों में लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं. कई जगहों पर भंडारे का आयोजन भी किया जाता है, जहां भक्तों को प्रसाद के रूप में अन्न और मोतीचूर के लड्डू वितरित किए जाते हैं.

आस्था और विश्वास का पर्व

हनुमान जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भक्तों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है. इस दिन हनुमान जी की आराधना करने से जीवन में शक्ति, साहस और सफलता प्राप्त होती है. भक्तों का मानना है कि जो कोई भी सच्चे मन से हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसके जीवन से सभी संकट समाप्त हो जाते हैं.;

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Author: The Hindi Post