अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। राम नवमी के पावन अवसर पर मंदिर के शिखर प्रतिष्ठा पूजन का शुभारंभ हो गया है। 11 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इस अनुष्ठान को संपन्न किया जा रहा है। इस वर्ष राम नवमी का उत्सव भव्य राम मंदिर में मनाया जाएगा, जिससे करोड़ों भक्तों की आस्था और श्रद्धा को एक नया आयाम मिलेगा।
मंदिर निर्माण की अंतिम प्रक्रिया
राम मंदिर निर्माण समिति के अनुसार, मंदिर का प्रमुख ढांचा लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल शिखर निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर के शिखर पर लगाने के लिए मात्र पांच लेयर पत्थर शेष थे, जो अब पूजन के साथ स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मंदिर निर्माण का एक महत्वपूर्ण चरण पूर्ण हो जाएगा।
22 जनवरी 2024 को विराजमान हुए थे रामलला
22 जनवरी 2024 को भगवान श्रीराम को भव्य मंदिर में विराजमान किया गया था। हालांकि, मंदिर परिसर का पूर्ण निर्माण दिसंबर 2025 तक पूरा होने की संभावना है। लेकिन इस बार राम नवमी का उत्सव भक्तों के लिए विशेष होगा, क्योंकि यह पहली बार भव्य रूप से निर्मित मंदिर में मनाया जाएगा।
अयोध्या में उमड़ा भक्तों का सैलाब
राम नवमी के पावन अवसर पर अयोध्या नगरी भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो चुकी है। देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने मंदिर परिसर और अयोध्या शहर को भक्तों के स्वागत के लिए सुसज्जित किया है।
इस शुभ अवसर पर राम मंदिर के पुरोहित आचार्य दुर्गा प्रसाद ने बताया कि वैदिक मंत्रों के साथ शिखर प्रतिष्ठा पूजन शुरू हो चुका है। यह पूजन राम भक्तों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है और इसे ऐतिहासिक क्षण के रूप में देखा जा रहा है।
ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा अयोध्या
राम मंदिर का निर्माण हिंदू आस्था का प्रतीक है, और इसकी भव्यता सभी को मंत्रमुग्ध कर रही है। राम नवमी पर होने वाला यह ऐतिहासिक उत्सव करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, उल्लास और गौरव का अवसर होगा। अयोध्या नगरी इस समय भक्ति और आनंद से सराबोर है, और भक्तों के लिए यह पर्व एक अविस्मरणीय स्मृति बनकर रहेगा।;