Mahakumbh में नागा साधुओं की वीरता की क्या हैं निशानियां, अखाड़ों में क्यों रखते हैं शस्त्र, सब पता लग गया

प्रयागराज: महाकुंभ 2025 में नागा साधुओं की उपस्थिति ने महाकुंभ की शोभा को और भी बढ़ा दिया है। यहां बने अखाड़ों में नागा साधुओं की वीर गाथाएं दिखाई देती हैं। इन अखाड़ों में धर्म ध्वजा के नीचे रखे शस्त्र उनकी वीरता और धर्म की रक्षा के प्रतीक हैं। ये वही शस्त्र हैं, जिनके माध्यम से नागा साधुओं ने धर्म और देश की रक्षा की है।

तप के साथ धर्म की रक्षा

प्रयागराज में चल रहे इस भव्य आयोजन में करोड़ों श्रद्धालु पवित्र संगम नगरी पहुंच रहे हैं। लाखों साधु-संत भक्ति में लीन हैं, जिनमें नागा साधु विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। ये साधु अपनी तपस्या के साथ-साथ धर्म की रक्षा के लिए हथियार उठाने के लिए भी प्रसिद्ध हैं। इनके अखाड़ों में शास्त्र के साथ शस्त्रों की उपस्थिति देखी जा सकती है।

अखाड़ों के लिए शस्त्र देवता समान

इतिहास गवाह है कि जब-जब सनातन धर्म पर संकट आया, तब-तब नागा साधुओं ने शस्त्र उठाकर धर्म की रक्षा की। कई राजाओं ने भी इनकी बहादुरी का सम्मान करते हुए उन्हें शस्त्र भेंट किए, जिनकी पूजा आज भी अखाड़ों में की जाती है। अखाड़ों के लिए ये शस्त्र देवता समान हैं, और उनकी सुबह-शाम पूजा होती है।

धर्म ध्वज पर अंकित नागा साधुओं के शास्त्र

अखाड़ों में प्रवेश करते ही धर्म ध्वजा के नीचे चारों कोनों में स्थापित नागा साधुओं के शस्त्र दिख जाते हैं। ये शस्त्र केवल अखाड़ों के गिने-चुने लोगों के पास ही हैं, क्योंकि इन्हें देवता मानकर पूजा जाता है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी महाराज बताते हैं कि इन शस्त्रों ने शास्त्र के साथ मिलकर सनातन धर्म की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है।

शस्त्रों का प्रदर्शन नागा वीरता का प्रतीक

नागा साधुओं के इन शस्त्रों का इतिहास बहुत पुराना है। जब सनातन धर्म संकट में था, तब राजाओं ने नागाओं की मदद ली। नागा साधुओं ने अपने प्राणों की आहुति देकर धर्म की रक्षा की। महाकुंभ में इन शस्त्रों का प्रदर्शन नागा साधुओं की वीरता और धर्म के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को दर्शाता है।;

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Author: The Hindi Post