Mahakumbh: नागा साधु बनने के लिए जरूरी नियम और प्रक्रिया: क्या शादी के बाद बन सकते हैं नागा साधु?

महाकुंभ के विशेष अवसर पर प्रयागराज में नागा साधुओं का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। संगम तट पर लोग इन साधुओं का आशीर्वाद लेने और उनके बारे में अधिक जानने के लिए उमड़ रहे हैं। लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि नागा साधु कौन बनता है और क्या शादीशुदा व्यक्ति नागा साधु बन सकते हैं? इस सवाल का उत्तर हां है।

शादीशुदा लोग भी बन सकते हैं नागा साधु!

नागा साधु बनने के लिए व्यक्ति को सांसारिक मोह-माया त्यागनी पड़ती है और पूरी जिंदगी भगवान की भक्ति में समर्पित करनी होती है। शादीशुदा लोग भी नागा साधु बन सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कठोर तपस्या और ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है। नागा साधु बनने के लिए व्यक्ति को 6 से 12 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। इस दौरान उन्हें अपने गुरु को यह यकीन दिलाना पड़ता है कि वे इस मार्ग के लिए योग्य हैं।

नागा साधु बनने की प्रक्रिया

नागा साधु बनने के लिए एक लंबी और कठिन प्रक्रिया से गुजरना होता है। अखाड़े में प्रवेश के बाद ब्रह्मचर्य की परीक्षा ली जाती है। साधु बनने के इच्छुक व्यक्ति को अपने सारे रिश्ते-नाते तोड़कर खुद को भगवान के प्रति समर्पित करना पड़ता है। तपस्या के इस मार्ग पर चलने के लिए व्यक्ति को दृढ़ निश्चय और धैर्य का पालन करना होता है।

नागा का असली मतलब

नागा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के ‘नागा’ से मानी जाती है, जिसका अर्थ पहाड़ होता है। नागा साधु धर्म के रक्षक माने जाते हैं और शास्त्रों के ज्ञान में निपुण होते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य धर्म की रक्षा करना और समाज की सेवा करना होता है। नागा साधु अपनी कठोर तपस्या और शारीरिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध होते हैं। वे अपने शरीर पर हवन की भभूत लगाते हैं और धर्म का प्रचार करते हैं।

भभूत की प्रक्रिया

नागा साधु जिस भभूत को अपने शरीर पर लगाते हैं, वह लंबी प्रक्रिया के बाद तैयार होती है। हवन कुंड में पीपल, पाखड़, रसाला, बेलपत्र, केला और गऊ के गोबर को भस्म करके यह भभूत तैयार की जाती है। यह भभूत उनकी तपस्या और धार्मिक कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

महाकुंभ के इस विशेष अवसर पर नागा साधुओं का दर्शन करना और उनके जीवन के बारे में जानना एक अनोखा अनुभव होता है।;

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Author: The Hindi Post