IITian बाबा के नाम से मशहूर हरियाणा के अभय सिंह ने इंजीनियरिंग और विज्ञान की दुनिया को छोड़कर अध्यात्म की राह चुनी है। आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातक अभय सिंह, अब मसानी गोरख बाबा के नाम से जाने जाते हैं। उनकी कहानी न केवल महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं को प्रेरित कर रही है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह कहानी खूब वायरल हो रही है।
‘IITian बाबा’ की उपस्थिति ने खींचा ध्यान
महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव है, जो इस बार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और रहस्यमयी सरस्वती नदी के संगम तट पर हो रहा है। लाखों श्रद्धालु यहां आस्था की डुबकी लगाने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस मेले में तपस्वी बाबा और संतों की उपस्थिति हमेशा ही आकर्षण का केंद्र होती है। इसी मेले में ‘IITian बाबा’ की उपस्थिति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
इंजीनियरिंग से आध्यात्मिक यात्रा
अभय सिंह ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने न केवल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, बल्कि दर्शनशास्त्र, पोस्टमॉडर्निज्म, और सुकरात-प्लेटो जैसे विचारकों का भी गहन अध्ययन किया है। विज्ञान से अध्यात्म की ओर बढ़ने के अपने फैसले के बारे में उन्होंने कहा, “जीवन का अर्थ केवल भौतिक सुखों में नहीं है, बल्कि ज्ञान और शांति की खोज में है।”
उन्होंने कहा, “यह सबसे उत्तम अवस्था है। मैंने इंजीनियरिंग और डिजाइन में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद जीवन का अर्थ तलाशने के लिए ही अध्यात्म का मार्ग अपनाया।” उनका मानना है कि जीवन की सच्ची खोज केवल भौतिकता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे आत्मिक ज्ञान और शांति तक ले जाना चाहिए।
विज्ञान से परे ज्ञान और शांति की खोज
महाकुंभ में अभय सिंह जैसे अनोखे व्यक्तित्व की उपस्थिति इस आयोजन को और भी खास बना रही है। 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी तक चलेगा, जहां श्रद्धालु अध्यात्म की इस अनोखी यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं। IITian बाबा की कहानी ने यह साबित कर दिया है कि ज्ञान और शांति की खोज में विज्ञान से परे भी एक दुनिया है।;