महाकुंभ मेला 2025: 20 किलो की चाबी लेकर चलते हैं चाबी वाले बाबा, जाने पूरी कहानी

आस्था की नगरी प्रयागराज में 12 साल बाद होने वाले महाकुंभ मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से साधु-संतों का यहां पहुंचना जारी है। इस बार मेले में हरिश्चंद्र विश्वकर्मा कबीरा नाम के एक साधु, जिन्हें “चाबी वाले बाबा” के नाम से जाना जाता है, विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। चाबी वाले बाबा अपने गले में 20 किलो की विशाल चाबी पहनकर चलते हैं, जिसे वे “राम नाम की चाबी” कहते हैं।

16 साल की उम्र में छोड़ा घर

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के निवासी बाबा हरिश्चंद्र विश्वकर्मा कबीरा ने 16 साल की उम्र में ही घर छोड़ दिया था। उनके माता-पिता भी साधु थे। बाबा ने बताया कि उन्हें बचपन में ही अपने माता-पिता से आध्यात्मिकता का मार्गदर्शन मिला। अपने नाम के अनुरूप सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए उन्होंने घर-बार त्यागकर एक नई यात्रा शुरू की।

समाज सुधार का संकल्प

बाबा ने समाज में व्याप्त बुराइयों और नफरत से लड़ने के लिए संन्यास का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, “मैंने कई पदयात्राएं की हैं और अनेक कठिनाइयों का सामना किया है। सत्य की राह पर चलने का प्रयास कर रहा हूं।” बाबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि इस बार महाकुंभ का आयोजन दिव्य, भव्य, स्वच्छ और डिजिटल रूप में हो रहा है।

बाबा ने महाकुंभ आयोजन की तैयारियों को लेकर कहा, “शासन-प्रशासन के लोग सनातनी विचारधारा को अपनाकर इस आयोजन को भव्य बनाने में जुटे हैं। यह आयोजन एक मील का पत्थर साबित होगा।” चाबी वाले बाबा का मानना है कि इस आयोजन से आध्यात्मिकता को बढ़ावा मिलेगा और लोगों में धार्मिकता का संचार होगा।

महाकुंभ मेला 2025 में चाबी वाले बाबा जैसे साधु-संतों की उपस्थिति से यह आयोजन और भी विशेष बन गया है। उनकी प्रेरणादायक यात्रा और आध्यात्मिक संदेश लोगों के बीच एक नई ऊर्जा का संचार कर रहे हैं।;

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Author: The Hindi Post