भारत सरकार ने हाल ही में ‘विवाद से विश्वास’ योजना की डेडलाइन को एक बार फिर बढ़ा दिया है। इस योजना का उद्देश्य लंबित टैक्स विवादों का समाधान करना और टैक्सपेयर को राहत प्रदान करना है। सरकार ने टैक्स विवादों को सुलझाने के लिए यह पहल की है, जिससे देशभर में टैक्सपेयर को फायदा हो रहा है।
क्या है विवाद से विश्वास योजना?
‘विवाद से विश्वास’ योजना का उद्देश्य पुराने टैक्स विवादों को सुलझाना है। इस योजना के तहत, टैक्सपेयर को उन विवादित टैक्स राशि का भुगतान करने की अनुमति दी जाती है, जो कोर्ट में लंबित हैं। योजना के अंतर्गत, टैक्सपेयर को ब्याज, पेनल्टी और अन्य जुर्माने से छूट दी जाती है, जिससे वे अपनी बकाया राशि का भुगतान कम रकम में कर सकते हैं। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनके खिलाफ लंबित टैक्स विवाद हैं।
क्यों बढ़ाई गई डेडलाइन?
सरकार ने पहले भी इस योजना की डेडलाइन बढ़ाई थी, और अब इसे एक और बार बढ़ाया गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक टैक्सपेयर इस योजना का लाभ उठाएं और पुराने विवादों का समाधान करें। इससे न केवल टैक्सपेयर को राहत मिल रही है, बल्कि सरकार को भी विवादों का समाधान करने में मदद मिल रही है। आइए जानते हैं इस योजना से टैक्सपेयर को कैसे मुनाफा हो रहा है?
कम ब्याज और जुर्माना
इस योजना के तहत, टैक्सपेयर को विवादित टैक्स की राशि पर कोई अतिरिक्त ब्याज या जुर्माना नहीं देना पड़ता। इससे उन्हें वित्तीय राहत मिलती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन
इस योजना के तहत, टैक्सपेयर को कोर्ट के आदेशों से बचने का अवसर मिलता है। इससे वे लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से बच सकते हैं।
तेजी से समाधान
योजना के तहत विवादों का समाधान तेजी से किया जाता है, जिससे टैक्सपेयर को समय की बचत होती है और वे अपना वित्तीय बोझ कम कर सकते हैं।
पारदर्शिता और विश्वास
यह योजना टैक्सपेयर्स के बीच सरकार के प्रति विश्वास बढ़ाने में मदद कर रही है, क्योंकि इसमें पारदर्शिता और स्पष्टता है। टैक्सपेयर को लगता है कि सरकार उनके हित में काम कर रही है।;