बिहार के BPSC के अभ्यर्थियों को मिला JNU के छात्रों का सपोर्ट, खुलकर मैदान में उतरकर लगाई दहाड़, उठाई ये मांग

बीपीएससी अभ्यर्थियों के साथ जेएनयू कैंपस मजबूती से खड़ा है । गुरुवार को जेएनयू की स्टूडेंट् फ्रेटरनिटी द्वारा आंदोलित बीपीएससी स्टूडेंट्स की मांगों के समर्थन और निरंकुश पुलिसिया तंत्र द्वारा जो स्टूडेंट्स के साथ बर्बरता की गई है उसके विरोध में जेएनयू के साबरमती ढाबे से T -point तक एक कैंडल मार्च निकाला गया । आयोजनकर्ता शुभम पोद्दार और अक्षण रंजन ने मुख्यत: निम्न मुद्दों को अपने वक्तव्य में रखा-

वक्तव्य में रखे गए ये मुद्दे

1- परीक्षा आयोजन में सभी अभ्यर्थियों के लिए Level Playing Field उपलब्ध कराना सरकार एवं बिहार लोक सेवा आयोग की अहम जिम्मेवारी है। अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग प्रश्न-पत्रों द्वारा लिए गए प्रतियोगिता परीक्षाओं से अभ्यर्थियों के मेधा का सही मूल्यांकन संभव नहीं हो पायेगा।

2- बापू परीक्षा केन्द्र में लगभग 12000 अभ्यर्थियों के परीक्षा संचालन हेतु सहायक केन्द्राधीक्षक, वीक्षक, सहायक एवं चतुर्थवर्गीय कर्मी सरकारी कर्मी न होकर प्राईवेट एजेंसी के कर्मी थे। State PCS जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में प्राईवेट एजेंसी के बाह्य लोगों द्वारा परीक्षा संचालन करवाना कहाँ तक न्यायोचित है?

3- बापू परीक्षा केन्द्र सहित कई अन्य सेंटरों पर भी कदाचार की सूचना प्राप्त हुई है, जिससे पूरी की पूरी परीक्षा प्रक्रिया दूषित प्रतीत हो रही है। आयोग ने खुद माना है कि कदाचार मुक्त परीक्षा नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में आयोग द्वारा दिनांक-13.12.2024 को सम्पन्न 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह रद्द करते हुए सभी अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित की जाय।

4-आयोग के सर्वर की खामी के कारण रजिस्ट्रेशन करने के बावजूद लगभग 90 हजार अभ्यर्थी फार्म भरने से वंचित रह गये, उन्हें भी परीक्षा फार्म भरने का मौका दिया जाए।

5- कुछ निजी कोचिंग संस्थानों द्वारा परीक्षा से पहले जारी मॉडल प्रश्न पत्र के प्रश्नों में से 25 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों का टैली कर जाना क्या एक संयोग मात्र है, इसकी जाँच की आवश्यकता है।

6- इस परीक्षा में हुए व्यापक कदाचार की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायिक जाँच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाय।

7- हजारों अभ्यर्थी ठंड के मौसम में खुले में रात-दिन बिहार लोक सेवा आयोग की हठधर्मिता एवं असंवेदनशील व्यवहार के विरोध में विगत कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे है जिसमें कईयों का स्वास्थ्य चिंताजनक होते जा रहा है। इस परिस्थिति में उनकी समस्याओं के सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में पहल करते हुए धरना-प्रर्दशन को समाप्त कराने की कोशिश की जाय वरना उनकी जान-माल की जबावदेह सरकार होगी।

8- पुनः हमारी माँग है कि बी०पी०एस०सी० पी०टी० पुनर्परीक्षा एक दिन, एक शिफ्ट, एक पेपर एवं एक पैटर्न में बिना पेपर लीक के सम्पन्न कराई जाय।

9- बीपीएससी अध्यक्ष ने परीक्षा से पहले घोषणा की थी कि प्रश्नपत्र सभी केंद्रों पर पहले ही भेज दिए गए थे। फिर भी कुछ कक्षाओं में परीक्षा के समय अपर्याप्त प्रश्नपत्र क्यों थे?

10- बीडीएम पब्लिक स्कूल, मनेर, पटना में छात्रों के अनुसार प्रश्नपत्र 12:10 बजे दिया गया और वह भी बिना सील के थे।

11- कई केंद्रों पर जैमर सही ढंग से काम नहीं कर रहे थे, बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हुआ, और परीक्षा संचालन में कई अन्य खामियां थीं।

मौजूद रहे सैकड़ों छात्र

इस दौरान उनके साथ अमन सिंह, अंकित सागर, आंचल, रोहित कुमार,प्रतीक , आदित्य राठौर, प्रफुल्ल, अंकित कुमार, प्रियांशु ,धनंजय, राहत, आदित्य, साहिल, रणबीर, अनिरुद्ध सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थे ।

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Author: The Hindi Post