कॉमेडियन सुनील पाल और एक्टर मुस्ताक खान के किडनैपिंग मामले में लवी गैंग के सरगना समेत कुछ सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आए थे। वहीं बचे दो सदस्यों में से अब एक ने खुद थाने आकर पुलिस को सरेंडर कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
करोड़ों की रकम वसूलने के लिए बिजनौर के लवी गैंग ने सुनील पाल, मुस्ताक खान, राजेश पुरी समेत कई फेमस लोगों को इवेंट में भाग लेने के बहाने से बुला कर किडनैप कर लिया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा की गई जांच में बिजनौर के लवी गैंग के दस सदस्यों का नाम सामने आया था जिसमें से पुलिस ने सरगना लवी समेत 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था। आश्चर्य की बात यह रही कि बचे दो सदस्यों में से एक ने, जिसका नाम अंकित है, खुद थाने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।
गिड़गिड़ाते हुए किया आत्मसमर्पण
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने थाने पहुंचकर गिड़गिड़ाते हुए अपनी गलती मानी और अपना नाम अंकित खन्ना उर्फ पहाड़ी बताया। अंकित ने कहा कि उससे भारी गलती हो गई। मेरठ पुलिस ने अंकित पर 25 हजार का इनाम रखा था।
बदमाशों के साथ पुलिस की मुठभेड़
कार्रवाई के दौरान पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई जिसमें कई आरोपियों के पैरों में गोली लगी। पुलिस ने एनकाउंटर में लवी गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया। वहीं गैंग का सरगना लवी उर्फ सुशांत चौधरी भी देर रात बिजनौर पुलिस के साथ एनकाउंटर में गिरफ्तार किया गया।
एक सदस्य की तलाश जारी
अंकित खन्ना उर्फ पहाड़ी के सरेंडर करने के बाद पुलिस अब आखिरी सदस्य जिसका नाम शुभम है, उसकी तलाश में जुटी हुई है, जिसको लेकर पुलिस अभियान चला कर जगह- जगह छापेमारी कर रही है और जल्द ही आखिरी सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में होगा।