रात में सोते समय किसी का साथ में होने का होता है एहसास? हो जाइए अलर्ट

रात में सोते समय अगर आपको भी अपने अगल-बगल में किसी के होने का एहसास होता है तो, यहां आपको अलर्ट होने की जरूरत है. और उसके पीछे के कारण को भी जान लेना चाहिए.

कभी किया है गौर?

कभी-कभी रात में सोते वक्त हमें अक्सर ऐसा महसूस होता है कि कोई हमारे बगल में सोया हुआ है या लेटा हुआ है. क्या आपने कभी गौर किया है कि, ऐसा क्यों होता है.

अजीब सी घबराहट

दिन भर की भाग दौड़ के बाद इतनी थकान हो जाती है कि बिस्तर पर लेटते ही नींद आ जाती है. लेकिन ऐसा सबके साथ नहीं होता है. ज्यादातर लोगों को रात में सोते वक्त डर लगता है या घबराहट महसूस होती है.

नहीं आती नींद

कई लोगों को रात में नींद नहीं आती क्योंकि उन्हें अपने बगल में किसी के लेटे होने का डर सताता रहता है. आमतौर पर लोग इसे नकारात्मक प्रभाव बताते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स के मुताबिक हमारे शरीर में जो भी क्रिया होती है उसके पीछे कोई ना कोई कारण जरूर होता है. जिसमें स्लीप साइकिल भी शामिल है.

स्लीप साइकिल

अगर आपको रात में सोते वक्त अपने आसपास किसी के लेटे होने का एहसास होता है. तो यह स्लीप एपनिया की वजह से हो सकता है.

दो तरह की स्लीप साइकिल

एक्सपर्ट के मानें तो स्लीप साइकिल दो तरह की होती है. पहली रैपिड आई मूवमेंट, दूसरी नॉन रैपिड आई मूवमेंट स्लिप.

 

बॉडी को सिग्नल देते हैं ब्रेन सेंस

हम जब भी आरईएम स्लीप फेज में होते हैं तो, तो उस समय हमें सपने दिखते हैं. तो हमारा ब्रेन बॉडी को सिग्नल देने लगता है, ताकि हम बॉडी मूव न कर पाएं.

कैसा होता है महसूस

ऐसी स्थिति में कई बार लोगों को लगता है कि किसी ने उनके शरीर को दबा रखा है. जिससे वह चाह कर भी अपने शरीर को हिला डुला नहीं पाते.

क्या है कारण

स्लीप एपनिया एक प्रकार का निद्रा विकार है. जिसमें सोते-सोते अचानक से सांस रुक जाती है. जिससे नींद में खलल पड़ती है और जब अचानक से नींद खुलती है, तो ऐसा एहसास होता है कि हमारे बगल में कोई लेटा हुआ है.

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Author: The Hindi Post