स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप कंपनी की नई पार्टनरशिप के जरिए सुकी गूगल क्लाउड के वर्टेक्स एआई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके पेशेंट डिटेल्स और स्वास्थ्य संबंधित प्रश्नों के जवाब तुरंत मिलेंगे।
AI स्टार्टअप कंपनी सुकी और गूगल क्लाउड ने पार्टनरशिप कर ली है, इस पार्टनरशिप पर स्टार्टअप कंपनी सुकी ने बताया कि गूगल क्लाउड की नई सुविधाओं से सुकी डॉक्टरों को नई टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने में अधिक मदद कर सकेगा, इससे डॉक्टर और मरीज दोनों के समय की बचत होगी।
मरीजों की डिटेल्स को नोट्स बनाने की सुविधा
सुकी AI असिस्टेंट डॉक्टर और मरीजों के बीच हुई मुलाकातों को रिकॉर्ड करने और डेली आधार पर नोट्स में बदलने की सुविधा उपलब्ध कराता है। जिससे डॉक्टर को सारी जानकारी मैन्युअल रूप से नोट करने की झंझट से छुटकारा मिलता है। सुकी ने पार्टनरशिप पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि गूगल क्लाउड के वर्टेक्स ए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके डॉक्टर को अधिक टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे ना केवल डॉक्टर बल्कि मरीजों का भी समय बचेगा।
AI असिस्टेंट से जानें क्लीनिकल हिस्ट्री
सुकी संस्थापक और सीईओ पुनीत सोनी ने बताया कि हमारी कम्पनी ने क्लीनिकल डॉक्यूमेंटेशन तूल नहीं बनाया बल्कि यह एक तरह का एआई असिस्टेंट है जो डॉक्टर की डॉक्यूमेंटेशन करने और अन्य काम में भी मदद करता है। सैंपल के तौर पर डॉक्टर सुकी के प्लेटफार्म का इस्तेमाल उनकी हेल्थ से जुड़े प्रश्न पूछ सकेंगे और मरीज के क्लीनिकल हिस्ट्री के बारे में जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
अब एक क्लिक पर मिलेंगे सारे अपडेट्स
सुकी के नए समरी फीचर से डॉक्टर को मरीजों से की डिटेल्स, स्वास्थ्य संबंधित जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी।
इस समरी में मरीज की उम्र, पुरानी बीमारियां, पिछली दवाएं और अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी डॉक्टर के सामने एक क्लिक पर आ जाएगी।
AI सुकी असिस्टेंट पर Q&A सुविधा उपलब्ध
कंपनी के अनुसार सुकी की पेशेंट समरी की सुविधा बुधवार से कुछ खास डॉक्टर के समूह के पास उपलब्ध हो जाएगा और अगले साल की शुरुआत में यह आमतौर पर सभी के लिए उपलब्ध होगा। नई Q&A सुविधा भी अगले साल से शुरू हो जाएगी। सोनी ने कहा कि मेरे लिए स्वास्थ्य देखभाल के लिए एआई डिजाइन करना या बनना एक बड़ी सफलता है। सुकी की तकनीक का इस्तेमाल अमेरिका में 350 स्वास्थ्य प्रणालियों और क्लिनिक कर रहे हैं और इस साल स्टार्टअप के क्लाइंट बेस को तीन गुना बढ़ावा मिला है।