भगवान श्री कृष्ण का स्वभाव बेहद चंचल है. भोग के मामले में उनकी पसंद और ना पसंद खास ध्यान रखा जाता है. लेकिन एक फल ऐसा है, जो कन्हैया को सबसे ज्यादा पसंद है. इस फल के बिना वो खुश नहीं होते. और रूठ जाते हैं, जिसके बाद उन्हें मनाना काफी मुश्किल हो सकता है.
कन्हैया का भोग
बांकेबिहारी कहें या कन्हैया. श्री कृष्ण के नाम तो अनगिनत हैं. ऐसी मान्यता है कि उन्हें खाने पीने का शौक भी खूब है. इसके अलावा उन्हें फल भी बेहद प्रिय हैं.
पसंदीदा फल
बात जब कन्हैया के मनपसंद फलों की आती है, तो उनमें से एक फल ऐसा है, जिसके बिना उनका भोग अधूरा रहता है.
अमरूद
ऐसी मान्यता है कि बांके बिहारी को अमरूद सबसे ज्यादा प्रिय है. जिस वजह से उनके भोग में अमरूद जरूर शामिल किया जाता है.
अमरूद के भोग का नियम
कन्हैया की पूजा के दौरान अगर आप भी उन्हें फलों का भोग लगाते हैं, तो उससे पहले आपको अमरूद के भोग से जुड़े नियम को जान लेना जरूरी है.
इस तरह चढ़ाएं फल
बांके बिहारी जी को जब भी फल या अमरूद को भोग लगाएं तो उसे कभी भी काटकर उनके आगे ना रखें. फल को हमेशा समूचा ही रखें.
ना हो पुराना फल
कन्हैया को अमरूद का भोग लगा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि फल ताजा हो और कहीं से भी खराब ना हो.
ताजे फल
बांके बिहारी जी को फल बेहद पसंद हैं. इसलिए कोशिश करें कि उन्हें ताजे पेड़ से तोड़कर ही फल चढ़ाएं.
मान्यता
ऐसी मान्यता है कि, भगवान श्री कृष्ण को हमेशा फलों का जोड़ा ही चढ़ाना चाहिए. इससे मनोकामना पूरी होती है.
ये व्यंजन हैं पसंद
भगवान श्री कृष्ण को अमरूद के अलावा आम, केला, खीर और कढ़ी जैसे व्यंजन काफी ज्यादा पसंद है.