डायबिटीज के लिए वरदान से कम नहीं करी पत्ता, ब्लड शुगर आसानी से होगा कंट्रोल

करी पत्ता न सिर्फ खाने में जान डाल देता है, बल्कि एक अलग ही लेवल का स्वाद भी बढ़ा देता है। इतना ही नहीं साउथ इंडियन खाना करी पत्ता के बिना अधूरा माना जाता है। बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर करी पत्ते मरीं ज्यादातर बीमारियों को दूर करने की ताकत होती है। खासकर टाइप 2 डायबिटीज और दिल की बीमारी।

 

आजकल ज्यादातर लोग अपने घर आंगन या फिर बल्किनी में करी पत्ते का पौधा लगाते हैं। ऐसा इसलिए ताकि वो खाने में इसके इस्तेमाल से स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ा सकें। करी पत्ता न सिर्फ स्वाद बढ़ाने का काम करता है, बल्कि हेल्थ के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में करी पत्ते का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। दिल की बीमारी, इंफेक्शन और सूजन जैसी हेल्थ से जुड़ी समस्याओं को कम करने में करी पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है। बीटा-कैरोटीन और विटामिन सी जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर करी पत्ते में ज्यादातर बीमारियों को दूर रखने की क्षमता होती है। खासकर टाइप 2 डायबिटीज और दिल की बीमारी। ऐसे में अगर आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है कि, ऐसा क्या है जो करी पत्ते को डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए बेहतर उपचार बनाता है और ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर करने के लिए इसका इस्तेमाल कैसे करें, तो चलिए जान लेते हैं।

ब्लस शुगर के लेवल को कंट्रोल करने के लिए करी पत्ते के फायदे

एक्सपर्ट्स के मुताबिक करी पत्ता टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल में रखने में मदद कर सकता है। चलिए जान लेते हैं कि, कैसे यह ब्लड शुगर को स्थिर करने और डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार है।

• करी पत्ते में विटामिन, बीटा-कैरोटीन और कार्बोजोल अल्कलाइड जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं। जो मुक्त कणों की मदद कई तरह की शारीरिक बिमारियों को दूर करने में कारगर हैं। जिनमें से एक है टाइप 2 डायबिटीज।

• करी पत्ते में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। फाइबर डाइजेशन के लिए बेहद अच्छा होता है, और जल्दी से मेटाबोलाइज नहीं होता। जिससे ब्लड शुगर खुद बी खुद कंट्रोल में रहता है।

• करी पत्ता इंसुलिन की एक्टिविटी को बढ़ावा देता है। जब शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल करने में सक्षम हो जाता है तो, शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल में हो जाता है।

• करी पत्ते में ऐसे यौगिक होते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों में स्टार्च-टू-ग्लूकोज को स्लो कर देते हैं। करी पत्ता ब्लड सर्क्युलेशन में प्रवेश करने वाले ग्लूकोज की मात्रा को कंट्रोल कर सकता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए इस तरह करें करी पत्ते का इस्तेमाल

• सुबह सबसे पहले उठकर 8 से 10 ताजा करी पत्ते खाएं।
• आप चाहें तो करी पत्ते का रस निकलकर भी पी सकते हैं।
• करी पत्ते का इस्तेमाल कढ़ी, पोहा, सांभर, चावल, सैलेड या अन्य किसी व्यजंन में कर सकते हैं।
• नियमित रूप से करी पत्ते का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लें।
• करी पत्तियों और दवाओं का एक साथ सेवन करने से ब्लड शुगर का लेवल काफी कम हो सकता है।

 

डायबिटीज कंट्रोल ना होने से किडनी के साथ साथ शरीर के कई अंगों के डैमेज होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। वैसे तो हेल्दी डाइट की मदद से डायबिटीज के लेवल को कंट्रोल में रखा जा सकता है। लेकिन शुगर के मरीज दवाओं की भी मदद लेते हैं। डायबिटीज की बेस्वाद और कड़वी दवाओं से बचने और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए करी पत्ते का सेवन किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि करी पत्ते के जरिये ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में अच्छी मदद मिल सकती है।

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Author: The Hindi Post