वजन कम करने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या कार्डियो, क्या है बेहतर? जानिए यहां

पुरुष हो या महिला, आजकल हर कोई वजन बढ़ने की समस्या से परेशान है। हालांकि इस समस्या को ज्यादातर लोग फेस करते हैं, लेकिन इससे निपटने के लिए हर मुमकिन कोशिश भी करते हैं। होम रेमिडिस से लेकर डायटिंग, यहां तक जिम में जाकर कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी शुरू कर देते हैं। लेकिन कई कोशिशों के बाद भी वजन कम होने का नाम नहीं लेता। इन सभी एक्सपेरिमेंट्स के बीच में हम इस बात को तय नहीं कर पाते कि, हमारे लिए कार्डियो एक्सरसाइज बेहतर है या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग। आमतौर पर यह कन्फ्यूजन ज्यादातर उनको होती है, जिनका वजन ज्यादा होता है। जो घंटों ट्रेडमिल पर दौड़ने के बाद भी अपना वजन कम नहीं कर पाते।

ज्यादा वजन से परेशान लोगों को ज्यादातर कार्डियो की जगह वेट लिफ्टिंग बढ़िया ऑप्शन माना जाता है। इसके पीछे की वजह यह है कि, मोटे लोगों के लिए कार्डियो करना थकाऊ हो सकता है। जरूरत से ज्यादा वजन वाले लोग कार्डियो के जरिये ज्यादा कैलोरी बर्न नहीं कर पाते। जिसके बाद वो ना चाहते हुए भी हताश हो जाते हैं।

 

क्या है बेहतर?

काफी लोग हैं जो, वजन कम करने का फैसला लेते हैं। लेकिन उन्हें कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के बीच में किसे चुनना है, इस बात में कठिनाई होती है। लेकिन अगर आप दोनों ही चीजें करने का प्लान कर रहे हैं, तब भी कंफ्यूजन रह सकता है कि, फैट कम करने के लिए दोनों में से आपको किस पर ज्यादा ध्यान देना है। वजन कम करने के लिए इससे पहले आपको कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है।

कार्डियो से होती है ज्यादा कैलोरी बर्न

एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आप एक लिमिटेड टाइम के लिए एक्सरसाइज़ करते हैं, तो आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने की तुलना में कार्डियो करने से ज्यादा कैलोरिन बर्न करेंगे। इसलिए कार्डियो आपको तेजी से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। कार्डियो में रनिंग, साइकिलिंग, स्विमिंग, रस्सी कूदने जैसी एक्सरसाइज शामिल है।

 

वेट ट्रेनिंग हर रोज ज्यादा कैलोरी करती है बर्न

जब भी मसल्स बनाने की बात आती है, तो वेट ट्रेनिंग निश्चित रूप से कार्डियो से ज्यादा असरदार होती है। लेकिन यहां सवाल ये भी उठता है कि, आपको फैट कम करने के लिए मसल्स क्यों बनानी चाहिए? एक्सपर्ट्स की मानें तो रेस्ट करने से मसल्स ज्यादा कैलोरी बर्न करती हैं।

डाइट को ना करें नजरअंदाज

कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के बीच में चयन करते समय अपनी डाइट और पूरी कैलोरी इनटेक को जरुर ध्यान में रखें। लंबे समय तक के लिए वजन घटाने के लिए आपको नियमित रूप से एक्सरसाइज करने के साथ साथ पौष्टिक और बैलेंस डाइट लेने की जरूरत है। काफी लोग पूरी तरह से अपनी डाइट पर फोकस करते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते। हालांकि वजन कम करने के लिए अकेले डाइट के बदलाव की तुलना में एक्सरसाइज और बदली हुई डाइट दोनों ही जरूरी है। इससे वजन घटाने में जल्दी मदद मिलती है।

फैट लॉस और वेट लॉस

वजन कम करने में शरीर से मसल्स, पानी और फैट सब कुछ कम होता है। शरीर में पानी और मसल्स की कमी हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकती है। इसकी तुलना में फैट लॉस करने पर फोकस करेंगे तो बेहतर होगा।

क्या चुनना सबसे बेहतर

हालांकि बैलेंस डाइट के साथ कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों मिलकर अपने वजन को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। अगर आप फैट लॉस पर फोकस करेंगे, तो वेट लिफ्टिंग ज्यादा बेहतर है। इससे आपको लीन मसल्स बनाने में मदद मिलती है। वहीं कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ में सुधार और मसल्स को बनाने के लिए कार्डियो अच्छा माना जाता है।

 

तो उम्मीद है कि वजन कम करने के लिए कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को लेकर आपका कन्फ्यूजन दूर हो गया होगा। आप अपनी सहूलियत के हिसाब से इन दोनों में से कोई भी एक्सरसाइज चुन सकते हैं।

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Author: The Hindi Post