आयुर्वेद में हल्दी को गुणों को खजाना माना जाता है। हल्दी के पास हेल्थ से लेकर स्किन तक की समस्याओं का इलाज है। इसके ज्यादा से ज्यादा फायदे पाने के लिए अपनी डाइट में खास तरह की यानी कि, अंबा हल्दी को शामिल कर सकते हैं।
अंबा हल्दी जिसे आम भाषा में कच्ची हल्दी के नाम से पुकारा जाता है। यह अपने एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-कार्सिनोजेनिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों की वजह काफी लोकप्रिय है। यह पौधे की जड़ में बढ़ती है। इसके बिना इंडियन डिशेज पूरी नहीं होती। किचन में इसे महत्वपूर्ण मसालों में गिना जाता है। कच्ची हल्दी का स्वाद पकी हुई हल्दी की तुलना में ज्यादा कड़वा होता है। इन दोनों के बीच के अंतर की बात करें तो, कच्ची हल्दी से उतना गहरा पीला दाग नहीं लगता जितना पकी हुई हल्दी से लगता है। कहीं कहीं खाना पकाने में इसका इस्तेमाल अदरक के रूप में भी किया जाता है। इससे सॉस, आचार, कैंडीज भी तैयार की जाती हैं।
देखा जाए तो हल्दी उन मसालों में से एक है, जिसका इस्तेमाल भारतीय घरों में हर रोज खाना पकाने में किया जाता है। आयुर्वेद में अंबा यानी की कच्ची हल्दी के कई औषधीय गुण हैं, जो हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। इसके अनगिनत फायदों की वजह से इसे आयुर्वेदिक चमत्कारी उपाय के रूप में जाना जाता है। इसकी पैदावार पौधे की जड़ से होती है। जिसे पाउडर के रूप में बदल दिया जाता है।
अंबा हल्दी के फायदे
न्यूट्रीशनिस्ट की मानें तो हल्दी से बनी डिशेज इंडियन खाने को पूरा कर देती हैं। यह ना सिर्फ डिश में पीला रंग जोड़ती है, बल्कि कई हेल्थ बेनिफिट्स भी देती है। ये बिनिफिट्स कौन कौन से हैं, चलिए जान लेते हैं।
• सूजन करे कम
अंबा या कच्ची हल्दी में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जो लाइपोक्सिनेज और इंड्यूसिबल के बढ़े हुए लेवल को कम करने साइटोकिंस के उत्पादन को रोकने का काम करती है। जिससे सूजन और तनाव कम होता है। इसके अलावा इससे जोड़ों में दर्द कम करने में भी मदद मिलती है। कच्ची हल्दी को डाइट का हिस्सा बनाने से आपको भी ये फायदे मिल सकते हैं।
• दर्द करे कम
कच्ची हल्दी में कर्क्यूमिन के साथ साथ जरूरी ऑयल्स होते हैं। जो दर्द को खींचने का काम करते हैं। अगर आप नियमित रूप से कच्ची हल्दी का सेवन करते हैं, तो आपको पुराने से पुराने दर्द को भगाने में मदद मिल सकती है।
• कोलेस्ट्रॉल करे कम
कच्ची हल्दी के अर्क में कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने की क्षमता होती है। इसे साथ ही लिवर से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का छुटकारा कच्ची हल्दी को डाइट में शामिल करने से मिल सकता है।
• टेंशन रखे दूर
कच्ची हल्दी में इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं। जो टेंशन को दूर करने के साथ साथ दिमाग को भी शांत रखने का काम करती है।
• कैंसर रखे दूर
कच्ची हल्दी में करक्यूमिन के तत्व मौजूद होते हैं। जो कैंसर कोशिकाओं को शरीर में बढ़ने से रोक सकते हैं। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर और महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करती है।
अंबा यानी कच्ची हलदी के हेल्थ से जुड़े इतने सारे फायदों को देखते हुए एक्सपर्ट्स इसे डाइट में जरुर शामिल करने की सलाह देते हैं। यह बिलकुल नेचुरल है, और इससे जुड़े साइडइफेक्ट्स होने के चांसेस कम रहते हैं।