कब से शुरू हो रहा है छठी मैया का पर्व, जानें पूजा विधि व महत्व

हिंदू धर्म में छठ पूजा का खास महत्व होता हैं, यह सूर्य देवता को समर्पित एक चार दिवसीय व्रत है, जानिए कब से होगा शुरू, किस तारीख को है नहाय खाय और खरना?

आस्था का महापर्व

आस्था का महापर्व छठ 2 बार मनाया जाता है. पहला चैत्र महीने में जिसे चैती छठ कहा जाता है और दूसरा कार्तिक महीने में मनाया जाने वाला छठ है.

कहां मनाया जाता हैं छठ

छठ पूजा का पर्व मुख्यतः बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है. छठ पूजा में सूर्य देवता को अर्घ्य दिया जाता है और उनके दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की जाती है.

कैसे हुई शुरुआत

छठ पूजा की शुरुआत रानी कर्णवती ने की थी, उन्होंने सूर्य देवता से प्राथना की थी कि उनके पुत्र स्वास्थ्य हो जाए, तब सूर्य देवता प्रसन्न हुए और उनके पुत्र स्वस्थ हो गए तभी से छठ पूजा मनाई जाने लगी.

छठ पर्व की तिथि

छठ पूजा का पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है.
इस साल 2024 में षष्ठी तिथि 7 नवंबर को सुबह 12 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी और 8 नवंबर को तड़के सुबह 12 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी

पंचांग के अनुसार

उदया तिथि के अनुसार, छठ पूजा का पर्व 7 नवंबर को मनाया जाएगा, 5 को नहाय खाय होगा, छठ पूजा के दूसरा दिन, 6 को खरना, तीसरे दिन, 7 को संध्या अर्घ्य और आखिरी दिन, 8 को उषा अर्घ्य दिया जायेगा

डाला छठ

इसके अलावा इस महापर्व को बड़का परब, सूर्य षष्ठी, डाला छठ, डाला पूजा और छेत्री पूजा के नाम से भी जाना जाता है.

छठ पूजा की प्रक्रिया

छठ पूजा का पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना है. तीसरे दिन शाम का अर्घ्य और चौथे दिन सुबह अर्घ्य के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ का समाप्त होता है

छठ पूजा का महत्व

मान्यता अनुसार लगातार 4 दिनों तक गंगा या अन्य नदियों किनारे या तालाबों के किनारे छठ मनाने से लोगों की कामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

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Author: The Hindi Post