यूपी की 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने आखिरकार अपने पत्ते खोल दिए हैं. बीजेपी ने उपचुनाव के लिए जिन आठ सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. उनमें गाजियाबाद सदर से संजीव शर्मा, खैर सीट से सुरेंद्र दिलेर, कुंदरकी सीट से रामवीर सिंह, मंझवा सीट से सुचिस्मिता मौर्या, फूलपुर से दीपक पटेल, कटेहरी सीट से धर्मराज निषाद और करहल से अनुजेश प्रताप यादव को और सीसामऊ सीट पर सुरेश अवस्थी को उम्मीदवार बनाया गया है. जबकि मीरापुर सीट RLD के खाते में गई है. वहीं बीजेपी ने सपा के पीडीए फॉर्मूले को टक्कर देने के लिए 5 सीटों पर दलित और ओबीसी समाज से कैंडिडेट उतारकर तगड़ी चुनौती देने की रणनीति तैयार की है.
करहल सीट पर यादव तो कटेहरी सीट पर निषाद को मैदान में उतारा
करहल सीट पर बीजेपी ने यादव वोटों का समीकरण को देखते हुए अनुजेश यादव को उतारा है. जो रिश्ते में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के बहनोई है. इससे करहल में यादव वोटों का बिखराव होता है तो फिर सपा के लिए अपना वर्चस्व बचाए रखने की चुनौती खड़ी हो जाएगी. बीजेपी ने करहल सीट पर 2002 के चुनावों वाला सियासी दांव चला है. कटेहरी सीट पर बीजेपी ने धर्मराज निषाद को प्रत्याशी घोषित किया है. निषाद के सामने सपा से शोभावती वर्मा चुनाव लड़ रही है. सपा ने कुर्मी समुदाय पर भरोसा जताया है तो बीजेपी ने निषाद प्रत्याशी उतारकर बड़ा दांव खेला है. कटेहरी सीट पर कुर्मी और निषाद दोनों ही बराबर वोट है. सपा ही नहीं बसपा ने कुर्मी समाज पर दांव खेल दिया है तो बीजेपी ने निषाद प्रत्याशी उतारकर जीत का परचम लहराने की बिसात बिछाई है.
बीजेपी ने मझवां सीट पर मौर्य बनाम बिंद का खेला दांव
मंझवा सीट से बीजेपी ने पूर्व विधायक सुचिस्मिता मौर्या को उतारा है. मौर्या का सामना सपा की ज्योति बिंद से है. मझवां सीट पर बिंद, ब्राह्मण और मौर्य समुदाय के वोट एक समान हैं. सपा ने बिंद समाज पर भरोसा दिखाया तो बीजेपी ने मौर्य का दांव चल दिया है. बीजेपी 2017 में इस रणनीति के तहत मझवां सीट पर जीत का परचम फहराने में कामयाब हुई थी. वहीं फूलपुर सीट पर बीजेपी ने दीपक पटेल को प्रत्याशी बनाया है. पटेल के सामने सपा से मुज्तबा सिद्दीकी चुनाव लड़ रहे हैं. सपा ने यादव-मुस्लिम केमिस्ट्री बनाने की कोशिश की है तो बीजेपी ने कुर्मी समुदाय पर भरोसा दिखाया है.
सपा के फॉर्मूले को तगड़ी चोट पहुंचाने की तैयारी मे बीजेपी
बीजेपी ने ओबीसी के साथ-साथ ब्राह्मण, ठाकुर और दलित केमिस्ट्री बनाने की कोशिश भी की है. जिसके तहत गाजियाबाद सदर पर ब्राह्मण समाज के संजीव शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, जो महानगर अध्यक्ष हैं. जबकि अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने सुरेंद्र दिलेर को कैंडिडेट चुना है, जो दलित जाति से आते हैं. खैर सीट दलित सुरक्षित सीट है. कुंदरकी सीट से बीजेपी ने ठाकुर समुदाय से आने वाले रामवीर सिंह को मैदान में उतारा है. कुंदरकी सीट से रामवीर सिंह तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन अब तक जीत नहीं मिली. मुस्लिम बहुल सीट होने के कारण कुंदरकी में सपा ने पूर्व विधायक हाजी रिजवान पर भरोसा जताया है. इस तरह से एक बार फिर हाजी रिजवान बनाम रामवीर सिंह के बीच मुकाबला है.