ऐसा कई बार होता है कि, दिवाली में गणेश लक्ष्मी की पूजा के लिए जब हम मूर्ति खरीदते हैं, तो कई तरह की गलतियां कर देते हैं. जिनके बारे में हमें पता भी नहीं चलता. इन गलतियों का अच्छा फल नहीं मिलता. ऐसे में आपको काफी कुछ बातें ध्यान रखनी जरूरी हैं.
दिवाली
हिंदू धर्म में दिवाली के त्योहार का विशेष महत्व है. इस दिन का इंतजार लोगों को पूरे साल रहता है. दिवाली में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विधान है.
सदियों पुरानी परंपरा
दिवाली से पहले धनतेरस में लक्ष्मी गणेश की मूर्ति खरीदने की सदियों पुरानी परंपरा है. मान्यता के मुताबिक दिवाली में लक्ष्मी गणेश की पूजा करने से मां लक्ष्मी खुश होती हैं.
भारी पड़ सकती है गलती
क्या आप जानते हैं कि, इन मूर्तियों को खरीदते समय की गई गलतियां आपको अच्छा फल नहीं देंगी. लक्ष्मी गणेश की मूर्ति खरीदते वक्त आपको कुछ बातों का ध्यान देना जरूरी है.
कैसी खरीदें गणेश जी की मूर्ति
गणेश जी की मूषक पर सवार ऐसी मूर्ति खरीदें, उनकी सूंड बाईं ओर और हाथ में मोदक होना चाहिए. दिवाली में पूजन के लिए गणेश जी की ये मूर्ति शुभ होती है.
कैसी खरीदें लक्ष्मी जी की मूर्ति
कमल पर विराजमान मां लक्ष्मी की मूर्ति घर परिवार के लिए शुभ होती है.
ना हों खड़ी अवस्था
मां लक्ष्मी की खड़ी हुई मूर्ति बिलकुल ना खरीदें. मां लक्ष्मी की खड़ी मूर्ति उनके जाने का प्रतिक होती है.
अलग-अलग हो मूर्ति
दिवाली के पूजन के लिए लक्ष्मी गणेश की मूर्ति अलग अलग ही खरीदें. मूर्तियां आपस के जुड़ी हुई नहीं होनी चाहिए.
रंग पर दें ध्यान
लक्ष्मी गणेश की मूर्ति का रंग उतरा हुआ नहीं होना चाहिए और ना ही मूर्ति कहीं से खंडित हो.
प्रसन्न मुद्रा
लक्ष्मी गणेश की मूर्ति प्रसन्न मुद्रा में होनी चाहिए. ताकि आपके घर में सुख समृद्धि बढ़े.
इस रंग की हो मूर्ति
लक्ष्मी गणेश की मूर्ति हमेशा लाल, गुलाबी या पीले रंग की होनी चाहिए. मूर्ति काले, भूरे और मटमैले रंग की ना खरीदें.