लखनऊ में 7 दिन पहले डिलीवरी ब्वॉय की हत्या कर दी गई थी. जिसका पुलिस ने मंगलवार को सनसनीखेज खुलासा कर दिया है. बताया जा रहा है कि ऑनलाइन सामान की डिलीवरी करने वाले युवक की उसी के परिचितों ने हत्या की थी. दरअसल आरोपियों में से एक शख्स ने ऑनलाइन मोबाइल फोन ऑर्डर किया. आरोपी ने पेमेंट के लिए कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुना था. फिर जब डिलीवरी ब्वॉय मोबाइल लेकर उसके घर पहुंचा, तो उसने साथियों के साथ मिलकर युवक की हत्या कर दी. इसके साथ ही डिलीवरी ब्वॉय शव को पार्सल बैग में भरकर इंदिरा नहर में फेंक दिया. पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने ये बात कबूल कर ली है.
मोबाइल फोन की डिलीवरी लेकर पहुंचा था भरत
लखनऊ का निशातगंज निवासी 30 साल का भरत कुमार ई-कॉमर्स कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय का काम करता था. वहीं चिनहट के रहने वाले गजानन उर्फ गजेंद्र ने दो फोन एक वीवो और दूसरा गूगल पिक्सल शॉपिंग साइट फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन ऑर्डर किए थे. जिसका पेमेंट कैश ऑन डिलीवरी था. जिसकी कीमत एक लाख के करीब थी. जब भरत साहू 23 सितंबर की रात को ऑनलाइन ऑर्डर किए गए दोनों मोबाइल फोन की डिलीवरी करने गजेंद्र के घर पहुंचा. तो मोबाइल लेने के बाद डिलीवरी ब्वॉय भरत ने गजेंद्र से दोनों मोबाइल फोन का पेमेंट करने को कहा. इस पर गजेंद्र ने भरत को घर के अंदर बुलाया. भरत के कमरे में आते ही गजेंद्र, उसके साथी हिमांशु और आकाश ने मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद दोनों ने लाश को भरत के डिलीवरी बैग में भरा और फिर कार से इंदिरा नहर में ले जाकर फेंक दिया.
25 सितंबर को परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
वहीं जब डिलीवरी ब्वॉय भरत घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की. 25 सितंबर को थाने में भरत की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस ने भरत के कॉल डिटेल के जरिए गजानन का नंबर ट्रेस किया. गजानन के दोस्त आकाश ने पूछताछ के दौरान अपराध कबूल कर लिया. हालांकि पुलिस को अभी तक भरत का शव बरामद नहीं हुआ है. SDRF की टीम इंदिरा नहर में शव की तलाश में जुटी हुई हैं.
पूरी प्लानिंग के साथ की गई भरत की हत्या
पुलिस पूछताछ में गजानन ने बताया कि वह पहले डिलीवरी का काम कर चुका है. इसलिए उसने पूरी प्लानिंग के तहत इस घटना को अंजाम दिया. तीनों ने डिलीवरी ब्वॉय का सारा सामान जिसमें तीन मोबाइल फोन, 46 दूसरे आइट्मस, 36 हजार रुपए नगद छीन लिया और गला दबाकर हत्या कर दी. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ये बात भी कबूली है कि उन्होंने हत्या के बाद 5 घंटे तक इंतजार किया. इसके बाद बॉडी को ठिकाने लगाया.