भारत और बांग्लादेश के बीच दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच कानपुर में खेला जाएगा. चेन्नई में बांग्लादेश को 4 दिन के अंदर चित करने के बाद अब कानपुर में मैच होगा. ऐसे में ये सवाल उठता है कि कानपुर में भारत का रिकॉर्ड कैसा रहा है? इसके साथ ही कानपुर में विराट कोहली का प्रदर्शन कैसा होगा? आपको बता दें कि कानपुर में भारत ने अब तक 23 टेस्ट मैच खेले हैं. जिसमें 7 जीते और 3 हारे हैं. यानी 13 टेस्ट मैच यहां ड्रॉ पर खत्म हुए हैं. बांग्लादेश के खिलाफ भारत ने यहां पहले कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया है. यानी ये पहली बार होगा जब कानपुर में भारत और बांग्लादेश रेड बॉल क्रिकेट में आमने-सामने होंगे.
विराट का कानपुर में टेस्ट प्रदर्शन अब तक नहीं रहा खास
अब सवाल ये उठता है कि जो 23 टेस्ट मैच भारत ने कानपुर में खेले हैं. उनमें से कितने मैच विराट कोहली ने खेले हैं. इसका जवाब है सिर्फ 1 टेस्ट मैच. कानपुर में विराट कोहली ने इकलौता टेस्ट मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. जिसमें उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर महज 27 रन बनाए थे. तब पहली पारी में विराट ने 9 रन जबकि दूसरी पारी में 18 रन बनाए थे. अब कानपुर में किंग कोहली के इस प्रदर्शन के साथ तो ये उम्मीद कतई नहीं की जा सकती है कि वो रिकॉर्ड तोड़े पाएंगे. मौजूदा सीरीज में खेले पिछले टेस्ट में भी कोहली का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था. कोहली ने चेन्नई टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर बस 23 रन बनाए थे. बस एक उपलब्धि जो कोहली ने हासिल की है, वो है घरेलू मैदान पर 12000 रन पूरे करने की.
किंग कोहली के नाम होंगे ये रिकॉर्ड!
अगर बात करें कि वो कौन से रिकॉर्ड हैं जिनकी कोहली कानपुर के मैदान पर बलि चढ़ा सकते हैं? तो इसमें पहला रिकॉर्ड डॉन ब्रैडमैन के 29 टेस्ट शतकों को पीछे छोड़ने का है. फिलहाल विराट के भी 29 टेस्ट शतक हो चुके हैं लेकिन कानपुर में शतक जड़ते ही कोहली ब्रैडमैन को पीछे छोड़ देंगे. दूसरा रिकॉर्ड सचिन से जुड़ा हुआ है. शतक के मामले में विराट कानपुर में अगर ब्रैडमैन को पीछे छोड़ सकते हैं तो कैच के मामले में उनके पास सचिन तेंदुलकर को पीछे करने का मौका भी होगा. टेस्ट में सचिन ने115 कैच लपके हैं. तो वहीं विराट ने अब तक 113 कैच ही लिए हैं. मतलब 3 कैच पकड़ते ही विराट सचिन से आगे निकल जाएंगे. इसके अलावा कोहली के पास कानपुर में 600 से कम पारियों में 27000 इंटरनेशनल रन बनाने वाले पहले क्रिकेटर बनने का मौका भी है. इस रिकॉर्ड को बनाने से विराट बस 35 रन दूर रह गए हैं. फिलहाल 623 पारियों में ऐसा करने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम पर है. वहीं कोहली के पास टेस्ट क्रिकेट में 1000 चौके जमाने का भी मौका है. इस उपलब्धि को वो कानपुर में अपना 7वां चौका लगाते हासिल कर लेंगे. अगर कानपुर टेस्ट में कोहली 129 रन बना लेते हैं. तो कोहली टेस्ट क्रिकेट में 9000 रन बनाने वाले चौथे भारतीय बन जाएंगे. कोहली से पहले सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ही ये रिकॉर्ड कायम कर पाए हैं.