Haryana Election: कांग्रेस ने कर दिया खेल, साख संवारने के लिए इस बार खेला बड़ा दांव, फोगाट को जुलाना से लड़ाने के जानें सियासी मायने

हरियाणा विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. इसके साथ ही विधानसभा चुनावों को लेकर प्रचार भी तेज हो गया है. कांग्रेस पार्टी ने काफी गहन मंथन के बाद 32 उम्मीदवारों को पहली सूची में जगह दी है. पार्टी ने हरियाणा में अपने मौजूदा 28 विधायकों पर भरोसा जताकर उन्हें दोबारा से चुनावी मैदान में उतारा है. दिलचस्प बात ये है कि शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हुईं पहलवान विनेश फोगाट को भी चुनावी दंगल में उतार दिया गया है. फोगाट को उनकी ससुराल जुलाना से ही टिकट दिया गया है.

साख संवारने की कोशिश में कांग्रेस

कांग्रेस ने विनेश फोगाट को जुलाना सीट से मैदान में उतारा है. कांग्रेस लंबे समय से जुलाना सीट पर जीत का परचम लहराना चाह रही है. मगर अब तक पार्टी को कामयाबी हाथ नहीं लगी है. आखिरी बार कांग्रेस जुलाना सीट पर 2005 में जीती थी. जिसके बाद से यहां पर कांग्रेस की हालत खराब हो गई है. हालात इस कदर खराब हो गए कि 2019 के चुनावों में कांग्रेस को मात्र 12440 वोट मिले थे. इस बार कांग्रेस पार्टी की गिरती साख को संवारने के लिए बड़ा दांव खेला गया है. दरअसल महिला पहलवानों की ओर से बीजेपी नेता व भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे. जिसको लेकर महिला पहलवानों ने दिल्ली में धरना दिया था. इस धरने में विनेश फोगाट भी शामिल थीं. कांग्रेस को उम्मीद है कि ये एंगल पार्टी के लिए सफल साबित हो सकता है. जुलाना सीट पर विनेश फोगाट का मुकाबला मौजूदा जननायक जनता पार्टी के विधायक अमरजीत ढांडा से होगा. इस सीट पर असल लड़ाई तीन पार्टियों जेजेपी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच देखने को मिलेगी.

कांग्रेस को जुलाना सीट पर कितनी बार मिली जीत?

जुलाना विधानसभा सीट पर 1967 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ था. जिसमें कांग्रेस का खाता खुला था लेकिन पार्टी जीत को बरकरार नहीं रख सकी और उसे 1968 में स्वतंत्र पार्टी के नरायण सिंह ने हरा दिया. कांग्रेस ने 1972 में फिर से वापसी की लेकिन एक बार फिर 1977 में कांग्रेस ने इस सीट को गंवा दिया. तब जनता पार्टी ने जीत हासिल की. साल 1977 के बाद 1982 और 1987 में लोकदल, 1991 में जनता पार्टी और 1996 में हरियाणा विकास पार्टी ने जुलाना सीट पर जीत हासिल की. साल 2000 में काफी लंबे समय बाद कांग्रेस की इस सीट पर वापसी हुई और उसने 2005 में भी सीट पर अपना कब्जा जमाए रखा. पार्टी लगातार दो बार जीतने में कामयाब रही लेकिन इसके बाद से वह अब तक जीत का इंतजार कर रही है. कांग्रेस कुल मिलाकर 4 बार जुलाना सीट पर जीत दर्ज कर चुकी है. इस सीट पर 2009 और 2014 में इंडियन नेशनल लोक दल ने विजय प्राप्त की और 2019 में पहली बार जननायक जनता पार्टी ने विजय पताका फहराया था.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra