15 अगस्त पर PM मोदी ने दिया नया टास्क, बताया आगे का क्या हैं प्लान?

देश में आज 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11वीं बार लाल किले से देश को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश की संस्थाओं को नया टास्क दिया है. पीएम मोदी ने लाल किले पर दिए भाषण में दो रिफॉर्म की बात कही. पीएम मोदी ने कहा कि एक साल में दो रिफॉर्म करें और उसको जमीन पर उतारें. प्रधानमंत्री ने ये टास्क सिस्टम सुधारने के लिए दिया है.

3 लाख इकाइयों से पीएम ने किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा आज देश में करीब 3 लाख संस्थाएं काम कर रही हैं. फिर वो चाहे पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, महानगर पालिका, UT, राज्य या फिर जिला स्तर की इकाइयां हो. इन 3 लाख इकाइयों से आह्वान है कि ये इकाइयां साल में अपने स्तर पर 2 रिफॉर्म करें. साथ ही इन रिफॉर्म को जमीन पर उतारें. पीएम मोदी ने आगे कहा कि ऐसा करने से देखते ही देखते साल में 25-30 लाख रिफॉर्म किए जा सकते हैं. जब 25-30 लाख रिफॉर्म हो जाएं, तब सामान्य मानवी का विश्वास कितना बढ़ेगा. किसी मानवी की शक्ति राष्ट्र को नई ऊंचाई पर ले जाने में कितनी काम आएगी. इसलिए बदलावों के लिए हम अपने स्तर पर आगे आएंगे. हिम्मत के साथ आगे आएं. सामान्य मानवी पंचायत स्तर पर भी मुसीबतें झेल रहा है. उन मुसीबतों से हम मुक्ति दिलाएं. तो पक्का विश्वास है कि हम अपने सपनों को पार कर सकते हैं.

अपने दो कार्यकालों के सुधारों का किया जिक्र

पीएम मोदी ने अपने दो कार्यकालों के दौरान हुए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि सुधारों को सूचीबद्ध करने में घंटों लग जाएंगे लेकिन पीएम ने यहां उदाहरण दिया बैंकिंग क्षेत्र में सुधार किया गया है. अब भारतीय बैंक कई दशकों के कुप्रबंधन के बाद विश्व स्तर पर सबसे मजबूत बैंकों में से हैं. वे अब गरीबों, छात्रों और किसानों की सेवा करते हैं. पीएम मोदी ने कृषि को लेकर आगे कहा कि हमें कृषि के क्षेत्र में रिफॉर्म की जरूरत है. आज आसान ऋण, तकनीक और उपज का मूल्यांकन दे रहे हैं. आज जब हर कोई पृथ्वी के बारे में चिंतित है, तो हम जैविक खेती को चुनने के लिए किसानों के आभारी हैं, जिसके लिए हमने बजट में प्रावधान किया है. जैविक भोजन एक ज़रूरत है.

हमारे सुधार देश को मजबूत बनाने के लिए- पीएम

पीएम ने कहा कि रिफॉर्म्स का लोग इंतजार कर रहे थे. हमें इसका मौका मिला और हमने बड़े सुधार लागू किए. सुधार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता संपादकीय तक सीमित नहीं है. हमारे द्वारा किए गए सुधार छोटी-मोटी प्रशंसा के लिए नहीं हैं. सुधार देश को मजबूत बनाने के लिए हैं. इससे आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी हुई है. अब हमारे युवाओं के लिए कई रास्ते खुले हैं. युवा अब धीरे-धीरे नहीं चलना चाहते. अब युवा नई चीजें हासिल करने के लिए छलांग लगाना चाहते हैं. लंबी छलांग लगाना चाहते हैं. यह भारत के लिए स्वर्णिम युग है.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra