देश के 5 ऐसे रेपकांड, जिसने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया !

भारत आज विकास की नई ऊंचाइयो को छू रहा है. राजनीतिक और गैर राजनीतिक दल इस विकास पर अपनी- अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. मगर क्या आपको लगता है कि ये विकास है. ये कैसा विकास है जहां महिला, लड़की और बच्चियां सुरक्षित नहीं है. ये कैसा विकास है जहां देश के बेटी को रात को घर से बाहर निकलने में डर लगे. ये कैसा विकास है जिसने आज भी औरत के पैरों में बेड़ियां बांध रखी है. आए दिन हम अखबारों की सुर्खियों में लड़कियों और बच्चियों के रेप की खबरें पढ़ते हैं और अखबार को एक साइड में रख देते हैं. कोलकाता में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ वीभत्स गैंगरेप की वारदात हो या दिल्ली का निर्भया केस हर मामले ने देश के घावों को हर किया है. मगर ये घाव आखिर कब भरेंगे. आइए एक नजर डालते हैं पिछले कुछ सालों में हुए ऐसे ही वीभत्स और दर्दनाक हादसों पर-

निर्भया गैंगरेप केस
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में निर्भया के साथ जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. 23 वर्षीय युवती से चलती बस में न सिर्फ गैंगरेप किया गया बल्कि उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार की गईं. फिजियोथेरेपी से लोगों का दर्द दूर करने वाली इस युवती ने 13 दिन का दर्द झेला. 29 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में युवती जिंदगी की जंग हार गई और उसकी मौत हो गई. इस केस में 6 आरोपी पकड़े गए, इनमें एक नाबालिग था जो 3 माह की सजा के बाद छोड़ दिया गया. एक ने खुदकुशी कर ली और चार को फांसी की सजा हुई.

बुलंदरशहर गैंगरेप कांड
2016 साल के अंत में देश की राजधानी दिल्ली से महज 65 किमी दूर यमुना एक्सप्रेस-वे पर कार सवार मां-बेटी को गैंगरेप का शिकार बनाया गया. उस समय परिवार नोएडा में एक रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने जा रहा था. तभी बदमाशों ने पत्थर मारकर कार रुकवाई और खेतों में ले जाकर मां के सामने ही 14 साल की बेटी का गैंगरेप किया. फिर मां को भी शिकार बनाया गया.

हैदराबाद कांड
तेलंगाना में 2019 में वेटरनिटी डॉक्टर की रेप और हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. युवती की टोल प्लाजा के पास अधजली लाश मिली थी. जांच में सामने आया था कि युवती के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस ने मामले के चारों आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया था. इनमें मोहम्मद पाशा, चिंताकुंता, शिवा और नवीन शामिल थे.

कठुआ कांड
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 2018 में 8 साल की बच्ची को अगवा कर एक मंदिर के अंदर बंधक बनाकर सामूहिक बलात्कार किया गया. इसे लेकर देश में खूब विरोध प्रदर्शन हुए थे. खास तौर से कठुआ में सांप्रदायिक तनाव के भी हालात बन गए थे. बच्ची से गैंगरेप के बाद उसके सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी. बाद में सामने आया था कि मासूम बच्ची की हत्या बकरवाल समुदाय को इलाके से बाहर निकालने के लिए की गई थी.

हाथरस गैंगरेप कांड
हाथरस के बूलगढ़ी में 14 सितंबर 2020 को एक दलित युवती के साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी. हादसे के बाद लड़की को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पातल में भर्ती कराया गया. जहां 29 सितंबर 2020 को ही इसी अस्पताल में इलाज के दौरान लड़की की मौत हो गई थी. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि उनकी इच्छा के खिलाफ 29 सितंबर 2020 की रात को यूपी पुलिस और प्रशासन ने लड़की का अंतिम संस्कार कर शव को जला दिया. दलित युवती का गैंगरेप कांड देशभर में सुर्खियां बना था. इसके बावजूद पुलिस शुरुआती 10 दिन में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra