परिवहन मंत्रालय देश के राष्ट्रीय राजमार्गों को और बेहतर बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है. इसी कड़ी में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को संसद में अपने मास्टर प्लान का खुलासा किया है. परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के इस मास्टर प्लान के अनुसार अब देशभर की प्रमुख सड़कें भी अप-टू-डेट रहेंगी. जिससे चालकों को सफर में कोई परेशानी ना हो साथ ही हादसों पर भी रोक लगाई जा सके.
मंत्रालय ने किया मेंटेनेंस एंड रिपेयर का एक मैकेनिज्म तैयार
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सदन में कहा कि कि हमारे मंत्रालय पर राजमार्गों की देखभाल का जिम्मा है. इसलिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम लगातार इसकी सुविधाओं को बढ़ाते रहें. इन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए स्थिति का आकलन करना और जरूरत वाली जगहों की पहचान करके उसमें सुधार करने की सतत प्रक्रिया अपनाई जाएगी. साथ ही इसके लिए जवाबदेही को बढ़ाने के लिए हमारे मंत्रालय ने मेंटेनेंस एंड रिपेयर का एक मैकेनिज्म तैयार किया गया है. हाईवे के स्ट्रेचेज की मरम्मत का काम ऑपरेशन, मेंटेनेंस एंड ट्रांसफर यूनिट को सौंपा गया है. वहीं बाकी सड़कों को परफॉर्मेंस बेस्ड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के जरिए सुधार किया जाएगा. इसमें पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही ठेकेदार की होगी. ताकि ठेकेदार अपने काम की निगरानी करे.
राजमार्गों के निर्माण से पहले डिजाइन पर बेहतर रणनीति
इसके लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने सड़कों को बेहतर स्थिति में रखने के लिए कई एजेंसियों से हाथ मिलाया है. सड़क और परिवहन मंत्रालय ने जिन एजेंसियों से हाथ मिलाया है उनमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नेशनल हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन, स्टेट लेवल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट और रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट शामिल हैं. ये सभी एजेंसियां राजमार्गों को मेंटेन रखने और ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने में अपना अहम योगदान देंगी. नितिन गडकरी ने कहा कि राजमार्गों का बनाने से पहले उसकी डिजाइन पर बेहतर काम करके रणनीति तैयार की गई है. इसका प्रमुख मकसद बारिश, बाढ़ और मिट्टी का कटाव होने पर निर्माण को नुकसान से बचाना है. इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम के डिजाइन को और बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके साथ ही पुल और फ्लाईओवर के निर्माण को खासतौर से लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है.