महाराष्ट्र कैडर की पूर्व ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर के विवाद ने आईएएस परीक्षा पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. पूजा खेडकर के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद अब सोशल मीडिया पर कई IAS अधिकारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट वायरल होने लगे हैं. जिसके बाद कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की ओर से इन 6 अफसरों के सर्टिफिकेट भी जांच के घेरे में आ गए हैं. कार्मिक विभाग ने 6 अन्य अफसरों के मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच शुरु कर दी गई हैं. स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने पत्र लिखकर अभ्यर्थियों की विकलांगता स्थिति की मेडिकल बोर्ड से दोबारा जांच करने के निर्देश दिए हैं.
पूजा खेडकर ने CSE-2022 नियमों का किया उल्लंघन
यूपीएससी के मुताबिक, पूर्व आईएएस पूजा खेडकर पर फर्जीवाड़े के आरोप लगने के बाद यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी है. यूपीएससी ने ना सिर्फपूजा खेडकर की उम्मीदवारी रद्द की, बल्कि भविष्य में भी पूजा के किसी भी परीक्षा या चयन में शामिल होने पर रोक लगा दी है. यूपीएससी ने कहा है कि पूजा खेडकर ने न सिर्फ अपना बल्कि अपने माता-पिता का नाम भी बदल दिया था. साथ ही तस्वीर/हस्ताक्षर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर अपनी फर्जी पहचान बनाकर परीक्षा नियमों के तहत स्वीकार्य सीमा से अधिक प्रयास का धोखाधड़ी से लाभ उठाया. सभी रिकॉर्ड की जांच के बाद ये सामने आया कि पूजा खेडकर ने CSE-2022 नियमों का उल्लंघन किया है.
18 जुलाई को UPSC ने पूजा को जारी किया था नोटिस
बीती 18 जुलाई को यूपीएससी ने पूजा खेडकर को इस मामले के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें उनसे पूछा गया था कि उन्होंने कैसे फर्जी तरीके से अपनी पहचान बदल कर लिमिट से ज्यादा बार यूपीएससी की परीक्षाओं में हिस्सा लिया? जिसका जवाब देने के लिए पूजा खेडकर को 25 जुलाई तक का समय दिया गया था. मगर पूजा ने आयोग से 4 अगस्त तक का वक्त मांगा था. जिस पर यूपीएससी ने उन्हें 30 जुलाई की दोपहर तक का समय दिया लेकिन इसके बावजूद पूजा अपना पक्ष रखने के लिए सामने नहीं आई. जिसके बाद यूपीएससी ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी.