नीति आयोग की बैठक में नहीं हुआ विपक्ष शामिल, क्या होगा आने वाले समय में इसका असर, पढ़ें इस रिपोर्ट में

बजट पेश होने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि विपक्ष नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होगा. इस दौरान विपक्ष के 6 मुख्यमंत्रियों ने इस बैठक का बायकॉट कर दिया है. जबकि इंडिया गठबंधन के 9 मुख्यमंत्री नीति के आयोग के सदस्य है. वहीं ‘नीति आयोग’ की 9वीं अहम बैठक आज की गई. ये बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में की गई.

विपक्ष के 6 मुख्यमंत्रियों ने किया बैठक का बायकॉट

नीति आयोग का काम राज्यों के तालमेल से देश के सामूहिक विकास का ढांचा तैयार करना है. इस आयोग को बने अभी 10 साल भी नहीं हुए थे कि बंगाल की सीएम ने इसे भंग करके पुराना वाला योजना आयोग अस्तित्व में लाने की मांग कर शुरू कर दी. शनिवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हो रही नीति आयोग की बैठक में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और आयोग के पदाधिकारी मंथन किया. विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में केंद्र सरकार के मंत्री भी मौजूद रहे. इंडिया गठबंधन के 9 मुख्यमंत्री नीति आयोग के सदस्य हैं. जिनमें से 6 ने केंद्र सरकार पर बजट के बंदरबाट का आरोप लगाते हुए इस बैठक का बायकॉट कर दिया है. 9 सदस्यों में से बाकी के 3 में ममता बनर्जी और हेमंत सोरेन बैठक में शामिल हुए हैं. वहीं केजरीवाल जेल में होने की वजह से इस बैठक से दूर हैं.

विपक्षी राज्यों के सीएमों के शामिल ना होने से नहीं पड़ेगा फर्क

नीति आयोग की बैठकों में शामिल होने के लिए विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्री किसी भी लिहाज से बाध्यकारी नहीं हैं. जैसा कि कहा जाता है कि किसी के शामिल होने या ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता. उसी तरह विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा इस बैठक का बायकॉट करने से कुछ फर्क जरूर नहीं पड़ेगा. मगर इसे एक अच्छी परंपरा नहीं माना जा सकता है. इस बैठक में राज्य और केंद्र की समान भागीदारी की एक अहम भूमिका होती है.

कब-कब होती हैं मीटिंग और कौन हैं इसके सदस्य

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठकें हर साल देश के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में की जाती हैं. इस काउंसिल की स्थापना केंद्रीय सचिवालय द्वारा जारी किए गए एक आदेश के अनुसार की गई है. इस आयोग के सदस्य सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और प्रशासक बनाए गए हैं. नीति आयोग अपनी बैठकें गवर्निंग काउंसिल के माध्यम से ही कराता है. यह एक ऐसा मंच है जो कि प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के LG और अन्य अहम सदस्यों के बीच सतत परस्पर संवाद सुनिश्चित कराने का काम करता है. इसकी बैठकों का उद्देश्य राष्ट्रीय विकास के एजेंडे को लागू कराने का होता है. आयोग की बैठकों के दौरान राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और विकास कार्यों से जुड़ी सभी योजनाओं की विस्तार से चर्चा की जाती है. आयोग के काम-काज से जुड़ी बैठकें तिमाही में कम से कम एक बार आयोजित जरूर की जाती हैं.

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Author: The Hindi Post