28 जुलाई तक मांगे PM मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के लिए सबसे सुझाव, अगर आप भी भेजना चाहते है तो करें बस ये काम !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने’मन की बात’ कार्यक्रम के लिए सुझाव मांगे थे. जिसको लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 28 जुलाई को मासिक रेडियो प्रसारण, ‘मन की बात’, कार्यक्रम का प्रसारित होने वाला है. जिसके लिए लोगों से सुझाव साझा करने को कहा गया था. इसके मद्देनजर बहुत से लोगों ने अपने-अपने सुझाव शेयर किए है, जो काफी नये और अनोखे है.इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के लिए सुझाव साझा करने वाले लोगों को धन्यवाद दिया. पीएम ने आगे कहा कि जिन लोगों ने अभी तक अपने विचार MyGov या NaMo App पर साझा नहीं किए हैं, उन्होंने उनसे भी आग्रह किया है कि वे भी अपने विचार साझा करें.

युवाओं के प्रयास देखकर हुई खुशी- पीएम

एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे इस महीने के ‘मन की बात’ के लिए बहुत सारे सुझाव मिल रहे हैं, जो रविवार 28 तारीख को होगा. यह देखकर खुशी हुई कि कई युवा खास तौर से हमारे समाज को बदलने के उद्देश्य से किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को उजागर कर रहे है. ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप माई जीओवी, नमो ऐप पर सुझाव साझा कर सकते हैं या 1800-11-7800 पर अपना मैसेज रिकॉर्ड कर सकते हैं. बता दें कि ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री मोदी का मासिक रेडियो संबोधन है, जिसमें वे राष्ट्रीय महत्व के मामलों पर चर्चा करते हैं.

30 जून को मां के नाम पेड़ लगाने का किया था आह्वान

वहीं 30 जून को हुए ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लोगों से पेड़ लगाने का आह्वान किया था. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपसे पूछता हूं कि दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता कौन सा होता है तो आप जरूर कहेंगे- ‘मां’. हम सबके जीवन में ‘मां’ का दर्जा सबसे ऊंचा होता है. मां, हर दुख सहकर भी अपने बच्चे का पालन-पोषण करती है. हर मां, अपने बच्चे पर स्नेह लुटाती है. जन्म देने वाली मां का ये प्यार हम सब पर एक कर्ज की तरह होता है, जिसे कोई चुका नहीं सकता. पीएम मोदी ने आगे कहा कि ‘मेरी सभी देशवासियों से, दुनिया के सभी देशों के लोगों से ये अपील की है कि अपनी मां के साथ मिलकर, या उनके नाम पर, एक पेड़ जरूर लगाएं और मुझे ये देखकर बहुत खुशी है कि मां की स्मृति में या उनके सम्मान में पेड़ लगाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra