इशारों-इशारों में बीजेपी के खिलाफ बड़ी बातें बोल गए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, पढ़ें सिर्फ एक क्लिक में

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को मुंबई में मौजूद थे. इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के आग्रह पर ‘मातोश्री’ पहुंचे. जहां उन्होंने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. मुलाकात के बाद स्वामी मीडिया से मुखातिब हुए. इस दौरान उन्होंने इशारों ही इशारों में बीजेपी के खिलाफ काफी कुछ कहा. आपको बता दें कि हाल ही में मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की शादी में पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचे थे. जहां उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पैर छुए थे.

“महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात हुआ”

इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात हुआ है. हमें उनके साथ हुए विश्वासघात पर दुख है. हमारा दुख तब तक नहीं जाएगा जब तक वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बन जाते हैं. इसके आगे उन्होंने कहा कि ”किसका हिंदुत्व असली है, ये जानना पड़ेगा. जो विश्वासघात करे वो हिंदू नहीं हो सकता है. जो विश्वासघात सह ले वो तो हिंदू होगा क्योंकि उसके साथ विश्वासघात हुआ है. जिन लोगों ने विश्वासघात किया है, वो कैसे हिंदू हो सकते हैं. जब तक आप पुन: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान नहीं हो जाते, तब तक हम लोगों के मन की पीड़ा दूर नहीं होगी.”

‘विश्वासघात’ को सबसे बड़े पापों में से एक- स्वामी

एक रिपोर्ट के मुताबिक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ये भी कहा, ”हम हिंदू धर्म का पालन करते हैं. हम ‘पुण्य’ और ‘पाप’ में विश्वास करते हैं. ‘विश्वासघात’ को सबसे बड़े पापों में से एक कहा जाता है, वही उद्धव ठाकरे के साथ हुआ है. उन्होंने मुझे बुलाया, मैं आया. उन्होंने स्वागत किया. हमने कहा कि हमें उनके साथ हुए विश्वासघात पर दुख है”. उन्होंने आगे कहा कि ”पूरे महाराष्ट्र की जनता इस बात से पीड़ित है. सभी के मन में इस बात का दर्द है. चुनाव में इस बात का पता भी चल चुका है. उन्होंने जब तक फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आप विराजमान नहीं हो जाते हैं, तब हमलोगों के मन का जो दर्द है वो दूर नहीं हो सकता है. अब तो ये बात प्रमाणित हो चुकी है कि महाराष्ट्र की जनता इस बात को मानती है कि उद्धव ठाकरे जी के साथ विश्वासघात हुआ है”.

“जनता का अनादर करना ठीक नहीं”

इस दौरान अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ये भी कहा कि जनता का अनादर करना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, ”जनता जिसके लिए बहुमत देती है, उसे उसके समय तक के लिए बनाए रखना चाहिए. बीच में सरकार को तोड़ देना और जनमत का अनादर करना अच्छी बात नहीं है. हमें राजनीति से लेना देना नहीं है लेकिन विश्वासघात को पाप बताया गया है. इस बारे में कौन बोलेगा? क्या राजनेता बोलेगा? इस पर तो कोई धर्माचार्य ही बोलेगा.

 

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra