लोकसभा चुनावों में मिली हार के रिएक्शन अब बीजेपी की बैठकों में दिखने लगे हैं. बैठकों के भाषणों और बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं के माथे पर खिचीं लकीरें साफ कह रही हैं. कि पार्टी के भीतर कुछ तो घमासान मचा हुआ है. ये घमासान खुलकर एक दूसरे पर आरोप ना मढ़ पाने का है या फिर नेताओं द्वारा अपनी गलतियां खुद ना स्वीकार करने का, ये तो पार्टी और नेता खुद ही जाने. मगर इसकी एक झलक रविवार को लखनऊ के लोहिया सभागार में साफ देखने को मिली. जहां ऐसा लग रहा था कि मानो सीएम अपने कार्यकर्ताओं को उनकी विफलताएं और नाकामियां गिना रहे हैं लेकिन सीधे-सीधे नहीं किसी और के कंधे पर बंदूक रख कर.
हमारे लिए सबसे बढ़कर कार्यकर्ता- प्रदेश अध्यक्ष
कार्यसमिति की बैठक की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के भाषण से हुई. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी अपनी बात रखते हुए आखिर में कार्यकर्ताओं के लिए जो बातें कहीं वे काफी महत्वपूर्ण थीं. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता हमारे लिए सबसे बढ़कर है. उसके मान सम्मान से कोई समझौता नहीं हो सकता.
‘जो आपका दर्द है, वही मेरा भी दर्द है’
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने भी कार्यकर्ताओं को लेकर सबसे बड़ी बात कही. केशव मौर्य ने कार्यकर्ताओं से कहा ‘जो आपका दर्द है, वही मेरा भी दर्द है’ और बीजेपी में सरकार से बड़ा संगठन है, संगठन था और रहेगा. केशव मौर्य ने कहा कि 7 कालिदास मार्ग कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा खुला है. कार्यकर्ताओं के मन की बात कहने पर केशव मौर्य को सबसे ज्यादा तालियां मिलीं.
चुनाव के नतीजों से बैकफुट पर जाने की जरूरत नहीं- सीएम
जब संगठन के बड़े नेता प्रदेश अध्यक्ष से लेकर केशव मौर्य तक कार्यकर्ताओं की बात कर रहे थे, तो उसका जवाब सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह कह कर दिया कि जब विपक्ष झूठे नैरेटिव गढ़ रहा था तो हमारे कार्यकर्ता जवाब क्यों नहीं दे पाए. स्मार्टफोन पर सुबह शाम गुड मॉर्निंग भेजा जा सकता है लेकिन विपक्ष के फैलाए झूठ का जवाब क्यों नहीं दिया गया. मुख्यमंत्री के निशाने पर संगठन था और इसीलिए उन्होंने ‘अति आत्मविश्वास’ शब्द का इस्तेमाल किया. सीएम ने कहा कि चुनाव के नतीजों से किसी को बैकफुट पर जाने की जरूरत नहीं है. दरअसल इसका अर्थ निकालने वाले कुछ भी निकाले लेकिन मुख्यमंत्री ने यह साफ कर दिया कि वह भी बैकफुट पर नहीं जाने वाले. इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी से आत्मचिंतन की बात कही. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह नसीहत सबके लिए है चाहे संगठन हो या सरकार.