Hathras Satsang Hadsa का मुख्य आरोपी फरार, कौन है जिस पर पुलिस ने घोषित किया 1 लाख का इनाम, नहीं है FIR में नारायण साकार का नाम ?

यूपी के हाथरस में सत्संग में मची भगदड़ में 123 लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं. साथ ही मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. नारायण साकार हरि ‘भोले बाबा’ का सत्संग खत्म होने के बाद मची भगदड़ मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है. इसमें पुलिस ने बाबा के मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया गया है. जबकि भोले बाबा का नाम एफआईआर में शामिल तक नहीं है. वहीं मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 126, 223, 238 में प्राथमिकी दर्ज की गई है और मुख्य आरोपी सेवादार पर एक लाख का इनाम घोषित कर दिया है. मामले में पुलिस ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं दूसरी ओर बाबा के अंडरग्राउंड होने की बात कही जा रही है. सूत्रों की मानें तो बाबा मैनपुरी स्थित ट्रस्ट के आश्रम में छिपा हुआ है. पुलिस ने आश्रम को घेर लिया है और किसी को भी आश्रम के अंदर या आश्रम से बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

कौन है देव प्रकाश मधुकर?

देव प्रकाश मधुकर हाथरस का ही रहने वाला है. सिकंदरामऊ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दमदमपुरा की न्यू कॉलोनी में उसका घर है. सत्संग करने वाला आरोपी देव प्रकाश मधुकर सरकारी विभाग में नौकरी करता है. घटना के बाद से वो अपने पूरे परिवार के साथ फरार है. जिस सत्संग में यह हादसा हुआ उसका मुख्य आयोजनकर्ता यही था. जानकारी के अनुसार कार्यक्रम के संचालन में 78 लोग शामिल थे. इसमें 16 शिक्षक, करीब 4 लेखपाल और रिटायर्ड फौजी के शामिल होने की बात सामने आई है. देव प्रकाश मधुकर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 126, 223, 238 के तहत केस दर्ज किया गया है. देव प्रकाश मधुकर को भोले बाबा का बेहद करीबी बताया जाता है.

बाबा को पुलिस नहीं मान रही लोगों की मौत का दोषी

हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ मामले में एफआईआर दर्ज हुई है लेकिन इस एफआईआर पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. एफआईआर में कार्यक्रम के आयोजक के तौर पर भोले बाबा के मुख्य सेवादार और सत्संग के आयोजनकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है, लेकिन इसमें प्रवचन करने वाले का नाम गायब है. लोग भोले बाबा का नाम एफआईआार से गायब होने पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि, पुलिस के कई अफसरों का कहना है कि बाबा का इस हादसे में सीधे कोई रोल नहीं है, इसलिए वह अभी तक आरोपी नहीं हैं. कहीं एफआईआर में बाबा का नाम नहीं होने का कारण ये तो नहीं कि प्रशासन भी बाबा को बचाने का प्रयास कर रहा है.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra