नई दिल्ली. वित्त वर्ष 2023-2024 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 8.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है. जबकि पिछली तिमाही में देश की जीडीपी 7.6 प्रतिशत रही थी. जीडीपी ग्रोथ रेट पर इंटीग्रेटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के एडवाइजर रविश रोशन कहते है मार्च में समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ आठ फीसदी के बेहद करीब रहने की उम्मीद है. यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास भी जता चुके हैं. मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर के बेहतर परफॉर्मेंस से जीडीपी बढ़ी है. भारत ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा है. एडवाइजर आईसीसीआई कहते हैं कि ताजा जीडीपी आंकड़ों से तीन बड़े संकेत मिल रहे हैं. पहला यह कि मोदी सरकार अर्थव्यस्था की अच्छी प्रबंधक है. दूसरा यह कि अब निजी कंपनियों में निवेश को लेकर झिझक खत्म खत्म हो रही है और निवेशक पैसे लगाने को प्रोत्साहित हो रहे है. तीसरा संकेत यह है कि आरबीआई को रुपये को मैनेज करने का और ज्यादा रूम मिल गया है. ग्रामीण मांग में सुधार हो रहा है और यह एक साल पहले की तुलना में काफी मजबूत है. वहीं शहरी मांग काफी मजबूत बनी हुई है. एडवाइजर आईसीसीआई कहते हैं कि मोदी सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ एक क्रांतिकारी पहल है. जिससे न सिर्फ निवेश एवं नवाचार को बढ़ावा मिला है, बल्कि इस पहल नें भारत में कारोबार करने की पूरी प्रक्रिया को आसान बना दिया है. नई डी-लाइसेंसिंग और ढील के उपायों से जटिलता को कम करने और समग्र प्रक्रिया में गति और पारदर्शिता काफी बढ़ी हैं. स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार की एक महत्पूर्ण कदम है. जिसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नये विचारों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण करना है. जिससे देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हों.
