Diwali 2026: लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदते समय न करें ये 6 गलतियां, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, सामग्री और पूरी विधि

इस साल दिवाली का त्योहार 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में दीपावली का विशेष महत्व है। इस दिन लोग घरों की साफ-सफाई करते हैं, दीपक जलाते हैं और रंगोली बनाकर घर सजाते हैं। शाम को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

कैसी होनी चाहिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति?

दिवाली पर नई मूर्तियां खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां अलग-अलग होनी चाहिए। दोनों की प्रतिमाएं बैठी हुई मुद्रा में हों। मिट्टी, चांदी, सोना या पीतल की मूर्तियां खरीदना शुभ माना जाता है। गणेश जी की सूंड बाईं तरफ मुड़ी हो और उनके पास मूषक होना चाहिए। वहीं, मां लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान हों।

मूर्ति खरीदते समय इन गलतियों से बचें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटी या खंडित मूर्ति नहीं खरीदनी चाहिए। प्लास्टर ऑफ पेरिस और सीमेंट की मूर्तियों के बजाय मिट्टी या धातु की प्रतिमा चुनें। मां लक्ष्मी की ऐसी मूर्ति लें, जिसमें वह आशीर्वाद देती हुई मुद्रा में हों। मूर्ति साफ-सुथरी और पूरी होनी चाहिए।

लक्ष्मी-गणेश की स्थापना का सही तरीका

पूजा के दौरान मां लक्ष्मी को भगवान गणेश के दाहिनी ओर यानी सामने से देखने पर बाईं तरफ स्थापित करने की परंपरा है। मूर्तियों का मुख पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। स्थापना के समय साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।

दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार, इस साल लक्ष्मी पूजन का मुख्य शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि करीब 1 घंटा 56 मिनट है। प्रदोष काल शाम 5:31 से रात 8:09 बजे तक रहेगा। वहीं, निशिता काल रात 11:49 से 12:41 बजे तक रहेगा।

पूजा के लिए पहले जुटा लें सामग्री

लक्ष्मी पूजन से पहले मां लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर जी की मूर्ति या तस्वीर, कलश, गंगाजल, नारियल, सुपारी, सिक्का, आम के पत्ते, रोली, चंदन, अक्षत, कलावा, फूल, मिठाई, फल और दीपक रख लें। इसके अलावा घी, तेल, धूप और अगरबत्ती की भी जरूरत होगी।

इस आसान विधि से करें लक्ष्मी पूजन

सबसे पहले पूजा स्थल की सफाई करके गंगाजल छिड़कें। इसके बाद पूजा का संकल्प लें और कलश स्थापित करें। फिर गणेश जी और मां लक्ष्मी की मूर्तियां चौकी पर रखें। भगवान गणेश को दूर्वा, फूल और मोदक चढ़ाएं। मां लक्ष्मी को कमल के फूल, रोली, अक्षत और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद दीपक जलाकर धूप-दीप दिखाएं और दोनों की आरती करें। अंत में परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

पूजा के दौरान करें इन मंत्रों का जाप

मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

सरल लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

महालक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥

लक्ष्मी गायत्री मंत्र: ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

पूजा पूरी होने के बाद जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें।

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Author: The Hindi Post